जिले की लगभग दो दर्जन ग्राम पंचायतों में कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य मिली है इसको लेकर मंथन चल रहा है। बुधवार को सीडीओ ने विभाग के लोगों के साथ परिणाम की समीक्षा की।
सात सितंबर को चलाए गए अभियान में 0 से पांच वर्ष के 130283 बच्चों के सापेक्ष 106303 बच्चों का वजन कराया गया था। इसमें से कुल 4654 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में पाए गए।
अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के लिए चलाए गए इस अभियान में आए अति कुपोषित बच्चों के आंकड़े से फिलहाल अफसर भी बहुत संतुष्ट नहीं है।
इसीलिए गुरुवार के अभियान को जोरशोर से चलाने की कोशिश है। बताया गया है कि जिले की दो दर्जन ऐसी भी ग्राम पंचायतों में एक भी कुपोषित बच्चे नहीं मिले हैं।
इसको लेकर खासी हलचल है। सीडीओ अरविंद मल्लपा बंगारी ने बताया कि पूरे जिले के आंकड़े आने के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
अभियान के बाद 11 से 14 सितंबर के बीच भी वजन कराने से शेष रह गए बच्चों का वजन कराए जाने के लिए कहा गया है। इसके बाद पूरी रिपोर्ट सामने आएगी। गुरुवार के अभियान को प्रभावी ढंग से चलाए जाने के लिए कहा गया है।
जिले में कुपोषित बच्चों का पता लगाने के लिए वजन दिवस अभियान का दूसरा चरण 10 सितंबर को चलाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां कर ली गई है।
विभाग के मुताबिक, दूसरे चरण में नगर क्षेत्र के 28 वार्डों सहित 330 ग्राम पंचायतों के 1154 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन दिवस मनाया जाएगा।
इसके लिए 358 वार्ड/ग्राम पर्यवेक्षक और 57 सेक्टर प्रभारी लगाए गए हैं। फील्ड वर्करों को निर्देश दिया गया है कि प्रचार-प्रसार करके 0-5 साल के बच्चों का वजन जरूर कराएं जिससे कुपोषण से मुक्ति मिल सके।