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सरयू उफान पर, विधायक का गोद लिया गांव बना टापू

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फैजाबाद। बैराजों से छोड़े गए पानी व प्रदेश में हो रही भारी बरसात से सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार की अपेक्षा सरयू के जलस्तर में 17 सेमी की वृद्धि हुई है। इससे एबी व रौनाही तटबंध के कछार में दहशत का माहौल है। रौनाही तटबंध के कछार में बसा गांव कैथी मांझा टापू में तब्दील हो गया है।
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विधायक के गोद लिए इस गांव को चारों ओर से पानी ने घेर लिया है। गांव में आने-जाने के संपर्क मार्ग कट गए हैं। पूरे गांव के आवागमन का सहारा मात्र एक नाव है। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय कैथी मांझा को बंद करके दो महीने के लिए शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालय बरई में अटैच कर दिया है। हालांकि प्रशासन की टीम अभी तक मौके पर पहुंच नहीं सकी है।

पहाड़ों पर हो रही बारिश व बैराजों से पिछले एक पखवारे से छोड़े जा रहे पानी के बाद सरयू के जलस्तर में वृद्धि हुई थी। अब मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के बाद सरयू का जलस्तर उफान पर आ गया है।
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शनिवार की शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 92.86 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। मौजूदा समय में सरयू का जलस्तर स्थिर है, लेकिन शारदा व गिरिजा बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। शनिवार की सुबह करीब 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह शुक्रवार की अपेक्षा 23 हजार 846 क्यूसेक अधिक है। इससे सरयू के जलस्तर में वृद्धि होने के आसार बने हुए हैं।

सरयू के बढ़ते जलस्तर के बाद रौनाही तटबंध के 14.55 किमी व अयोध्या बिल्हरघाट तटबंध के 13.14 किमी के कछार के गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रौनाही तटबंध पर स्थित कैथी मांझा गांव टापू में तब्दील हो गया है। गांव में आने जाने का एकमात्र सहारा नाव बची है। प्रशासन की ओर से अब मात्र एक नाव ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई जा सकी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कागज में कई नाव लगाई गई हैं, लेकिन गांव वालों को सिर्फ एक नाव ही उपलब्ध कराई जा रही है। दूसरी ओर दोनों तटबंधों के किनारे पानी जमा होना शुरू हो गया है। इसके अलावा कछार के गांवों में पानी अब धीरे-धीरे पहुंच रहा है। एबी बंधे के मडना गांव में सरयू का जलस्तर बढ़ जाने से पानी बिल्कुल बराबर पर आ गया है। अगर जलस्तर में थोड़ी से वृद्धि और होती है तो गांव में पानी घुसने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

अधीक्षण अभियंता बाढ़ खंड, फैजाबाद जेपी यादव ने बताया कि अभी तक दोनों तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सरयू का जलस्तर 92.86 मीटर पर जाकर ठहर गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ नियंत्रण की सभी चौकियों पर पूरी निगरानी की जा रही है।

71 परिवारों का जीवन बना नारकीय
शुजांगज। विधायक रामचंद्र यादव के गोद लिए गांव कैथी मांझा में 71 परिवारों का जीवन नारकीय बना हुआ है। गांव वालों का कहना है कि हर वर्ष तीन माह उनके लिए दुश्वारियों में गुजरना पड़ता हैं। बाढ़ के समय जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक से यही आश्वासन मिलता हैं कि बाढ़ खत्म होते ही सुरक्षित स्थान पर सभी लोगों आवास के लिए जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी, लेकिन सिर्फ केवल आश्वासन तक रहा जाता हैं।

दूसरी ओर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाओं को कुछ ही गांव तक पहुंचा सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कैथी माझा के ग्रामीणों को दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
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