सर्वानुमति या कोर्ट के निर्णय से निपटेगा अयोध्या विवाद : उपमुख्यमंत्री
अयोध्या। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा रविवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे और रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी दर्शन किया और कारसेवकपुरम् पहुंचकर विहिप नेता पुरुषोत्तमनारायण सिंह से मुलाकात की। हनुमानगढ़ी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का हल आपसी सहमति या फिर कोर्ट के निर्णय पर ही निर्भर है। रही बात मंदिर निर्माण की तो रामलला मंदिर में तो है हीं, बस मंदिर को भव्य रूप देना बाकी है। कहा, अयोध्या का विकास हमारी प्राथमिकता में है, अयोध्या में शीघ्र ही विकास की धारा प्रवाहित होगी।
कहा कि भगवान राम समस्त जगत के पालनहार हैं। उनका संपूर्ण जीवन तपस्या में ही बीता। कहा कि कोर्ट के निर्णय या फिर सर्वसहमति से जो भी होगा, हम उसको मानेंगे। एक सवाल के जवाब में कहा कि हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष देश है। मदरसे में पढ़ने वाला बच्चा भी समान अधिकार का हकदार है। इसलिए हमने मदरसों में भी एनसीआरटी की किताबों को लागू किया है। हिंदू का या मुस्लिम का बच्चा बताकर देश को बांटा गया है। हिंदुस्तान में सब समान हैं। शिक्षा का अधिकार सबको बराबर है। यह सरकार जानती है, और सबको समान शिक्षा प्राप्त हो यह योगी सरकार की प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। विकास के कार्यों में तेजी आई है। कई स्थानों पर मेट्रो शुरू होने जा रही है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। भाजपा सरकार विकास के रास्ते पर अग्रसर है। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो या गेहूं-धान क्रय केंद्राें को खोलकर बिचौलियों से मुक्ति सभी क्षेत्र में सरकार काम कर रही है। सरकार गांव में प्रधानमंत्री आवास, सड़क, गैस व बिजली पहुंचा रही है। जनता के अच्छे दिन आ गए हैं। कहा कि भाजपा की सरकार पारदर्शी है व्यक्ति विशेष की सरकार नहीं, यह लोगों को खल रहा है, इसलिए उन्हें अपनी गड़बड़ी के बजाय ईवीएम की गड़बड़ी दिखाई दे रही है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी का बल जनता, कार्यकर्ता एवं उसके सिद्धांत हैं। जो लोग सिद्धांतों से अलग हटकर सत्ता से मुक्त हो चुके हैं वे आपस में मिलकर भी चुनाव हार गए। अब जनता के जनादेश का अपमान कर ईवीएम की गड़बड़ी होने की बात कर रहे हें। महाराष्ट्र के कोरेगांव में हुई जातीय हिंसा पर कहा कि कुछ लोग देश को बांटना चाहते हैं, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पा रहे हैं। अब यही लोग जातीय संघर्ष कराने का काम रहे हैं।