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दान में आएंगे राममंदिर के लिए ढाई सौ ट्रक पत्थर 18-46-02

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राम मंदिर के लिए दान में आएंगे ढाई सौ ट्रक पत्थर
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अयोध्या (फैजाबाद)। राम मंदिर निर्माण के लिए सारे पत्थर दान में आ रहे हैं। ढाई सौ ट्रकों में 75 हजार घन फीट आना है। यह खुलासा श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने किया। उनका मानना है कि चार साल की बाधाओं के बाद अब माहौल अनुकूल है, ऐसे में पत्थरों को दान में स्वीकार करने की रणनीति को मूर्त रूप दिया जा रहा है। जीएसटी लागू होने से इसमें और आसानी हो गई है।
महंत नृत्यगोपाल दास ने बताया कि राम जन्मभूमि पर 265.5 फीट लंबा, 140 फीट चौड़ा और 128 फीट ऊंचा मंदिर बनना है। इसके लिए एक लाख 75 हजार घन फीट पत्थर की जरूरत है जिसमें से एक लाख घन फीट पत्थर आ चुके हैं।
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श्रीरामजन्म भूमि के मुताबिक, दान की राशि से राजस्थान के बंशी पहाड़ से पत्थरों को खरीदा जा रहा था। लेकिन इसकी खरीद व परिवहन में कुछ सरकारों ने अड़ंगा लगाना शुरू किया तो 2014 में न्यास कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि अब नकदी देकर पत्थर खरीदने की जगह दानदाताओं से पत्थर लिए जाएंगे।
प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार द्वारा वाणिज्य कर विभाग से दानदाताओं के माध्यम से पत्थर मंगाने में रोड़ा अटकाया गया। न्यास ने कुछ ट्रक पत्थर मंगवाए तो उस पर भी रोक लगा दी गई। अब सूबे में योगी सरकार आने के बाद से माहौल अनुकूल हो गया है। जीएसटी लागू होने से खदान से सीधे दानदाता पत्थर खरीद कर दान स्वरूप अयोध्या भेज सकते हैं।
5 करोड़ 62 लाख रुपए होगी पत्थरों की कीमत
75 हजार घन फीट जो पत्थर अयोध्या जाना है उसकी कीमत 5 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये है। पत्थर तराशी के मुख्य कारीगर राजस्थान के अन्नूभाई सोमपुरा ने बताया कि बंशी पहाड़ से आ रही 16 व 18 फीट की बीम की कीमत 750 रुपये प्रति घन फीट की दर से है। इसकी ढुलाई व तराशने का खर्च अलग होता है।
दिल्ली में सीधे दानदाता कर रहे संपर्क, हो रहे ऑर्डर
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा का कहना है कि न्यास की ओर से अभी कोई ऑर्डर पत्थर मंगाने के लिए नहीं हुआ है। दिल्ली के वीएचपी कार्यालय में दानदाता संपर्क कर रहे हैं, जहां से ऑर्डर हो रहे हैं।
राम मंदिर निर्माण में अभी लगेंगे पांच साल
न्यास की कार्यशाला में काम कर रहे गिरीश भाई का कहना है कि यदि कारीगरों की संख्या बढ़ा भी दी जाए तो तकनीकी रूप से अभी भी मंदिर निर्माण में कम से कम पांच साल लग जायेंगे। वर्तमान में कार्यशाला में कुुल 12 लोग काम कर रहे हैं।
मंदिर की दोनों मंजिलों के लिए कुल 112 खंभे निर्मित होने हैं, जिसमें से 106 खंभे ही अभी तक बने हैं। वहीं प्रस्तावित राम मंदिर का सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप, कोली गर्भगृह के लिए पत्थर तराशी का काम लगभग पूरा हो गया है। हर खंभे में फूल-पत्ती और 16 मूर्तियां बनाया जाना प्रस्तावित है।
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वर्जन
रामजन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के निर्माण के लिए न्यास की ओर से फॉॅर्म 38 के जरिए ही पत्थर लाने की अनुमति दी जा रही थी। अब जीएसटी लागू होने से फार्म भरने की जरूरत समाप्त हो गई है। खरीद की इनवाइस से ही पत्थर अयोध्या लाए जा सकते हैं।
-अनिल कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर फैजाबाद
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