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घटिया निर्माण से ओवरहेड टंकिया बंद, पाइप लाइन अधूरी 18-35-03

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फैजाबाद। नवसृजित नगर निगम अयोध्या के लोग पेयजल के लिए तरस रहे है। जुड़वां शहर की 13 ओवरहेड टंकियों में करोड़ों खर्च के बाद भी पानी की किल्लत बनी हुई है।
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फैजाबाद शहर की सभी पांचों टंकियां घटिया निर्माण की वजह से बंद हैं। इससे जल शोधन कर आपूर्ति मुश्किल हो गई है।

किसी तरह 54 नलकूपों के सहारे सीधे जलापूर्ति हो रही है। अधिकतर आबादी अब भी हैंडपंपों के भरोसे है। इससे लोग आए दिन संक्रामक रोगों की चपेट में रहते हैं।

नगर निगम अयोध्या के फैजाबाद शहरी इलाके की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 1 लाख 65 हजार 228 है। यहां 28 हजार 150 परिवार रहते हैं।

इनके पेयजल के लिए पांच टंकियां बनी हैं। 37 नलकूप बनाए गए हैं। अयोध्या की आबादी 55 हजार 890 है। यहां जलापूर्ति के लिए आठ टंकियां व 17 नलकूप स्थापित हैं।
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विभाग की मानें तो फैजाबाद में 27 मिलियन लीटर व अयोध्या क्षेत्र में 12.5 मिलियन लीटर पेयजल आपूर्ति की जाती है। 3 सौ से 25 सौ किलोलीटर क्षमता वाली टंकियों में कई निष्प्रयोज्य हैं।

जनगणना के छह साल बाद आबादी डेढ़ गुनी बढ़ गई है, निगम सीमा से सटे तीन दर्जन गांव शहर हो गए हैं। नगर निगम कार्यालय के पीछे ही टंकी बंद पड़ी है।

नगर निगम और जल निगम के तर्क-कुतर्क में फंसी टंकियों को भरा ही नहीं जा रहा है। जल निगम का कहना है कि टंकी गुणवत्तापूर्ण बनाकर हैंडओवर की गई थी।

जबकि नगर निगम प्रशासन का कहना है कि टंकी में पानी भरते ही टपकने लगी, उसके ढहने की आशंका के कारण बंद कर दिया गया। सीधे नलकूपों से जलापूर्ति की जाती है।

शहर के रीडगंज चौराहा, सुरसरि, अमानीगंज, सरस्वती पुरम जैसी कई कॉलोनियों में बनी नई टंकियों में पानी नहीं भरा जाता है।

शहर में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 130 लीटर पानी की जगह 90 लीटर आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं। शहर समेत कस्बों में जलनिगम की ओर से लगाई टंकियों की हालत खस्ता है।

बहुत से स्थानों पर स्थिति यह है कि लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। शहर की कई कॉलोनी में दो वर्ष पूर्व से शुरू हुई पाइप लाइन से कनेक्टिविटी अभी तक नहीं हो सकी है। लोग हैंडपंप के सहारे ही जीवनयापन कर रहे हैं। जलस्तर कम होने से हैंडपंप भी दूषित जल उगल रहे हैं।

वीआईपी क्षेत्र में भी टंकी बंद
वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वाले सिविल लाइन क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्लत है। अधिकारियों के निवास सुरसरि कॉलोनी में स्थापित टंकी लंबे समय खराब है।

आम जनता को शुद्ध पानी पीने की सलाह देने वाले अधिकारियों को भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। सिविल लाइन स्थित हौसिलानगर में ओमप्रकाश मिश्रा, रत्नाकर, राकेश पांडेय आदि बताते हैं कि सीधी आपूर्ति में पानी का दबाव कम होने से टोटी से पानी न के बराबर आता है।

कई बार शिकायत के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुबह पानी लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। यहां के सभी हैंडपंप पीला पानी उगल रहे हैं, जिसे पीकर लोग आए दिन बीमार होते हैं।

पापइ लाइन बिछाने का चल रहा कार्य
शहर की टंकियों में खराबी की बात सामने आ रही है। कुछ टंकियों को साफ कराया गया है, जल्द ही चालू कराया जाएगा। दो साल पहले जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन लगाने का बजट पास किया गया था, जिसमें धन आवंटन के साथ पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
-केपी आनंद, अधिशसी अभियंता जलकल विभाग

बदहाल टंकियां होगी दुरुस्त, नई बनेंगी : मेयर
शपथ के बाद पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए दूर कराया जाएगा। सभी बदहाल टंकियों की मरम्मत के साथ जरूरत के हिसाब से नई टंकिया स्थापित कराई जाएगी। सौ दिन के एजेंडे में शामिल कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
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-ऋषिकेश उपाध्याय, मेयर, नगर निगम अयोध्या
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