अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में कोरोना के पुराने मरीजों के इलाज के लिए अलग से तीस बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जाएगा। वहीं, डे-केयर सर्जरी के बाद अब नॉन कोविड मरीजों के बड़े ऑपरेशन भी किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज दर्शननगर से जुड़े अस्पताल को कोविड एल-2 हॉस्पिटल की श्रेणी में रखा गया है। अब तक यहां सिर्फ कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता था। बीते माह से सामान्य मरीजों के लिए भी ओपीडी सेवाएं बहाल की गईं। साथ ही एक दिन में हो सकने वाले छोटे ऑपरेशन के लिए मरीजों को भर्ती सेवा भी शुरू की गई थी।
इधर, ओपीडी में कोरोना से निजात पाने के बाद भी फेफड़े, चेस्ट सहित अन्य दिक्कतों से जूझ रहे लोगों की आमद बढ़ने पर ऐसे मरीजों के उपचार के लिए अलग से तीस बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके अलावा नॉन कोविड मरीजों के बड़े ऑपरेशन भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मरीजों की कोरोना जांच कराई जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर विजय कुमार ने बताया कि अब तक डे-केयर सर्जरी की जाती थी, लेकिन अब बड़े ऑपरेशन करने की भी तैयारी है। किसी भी गंभीर मरीज को भर्ती करने से पहले होल्डिंग एरिया में रखकर इलाज किया जाएगा। कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीज को संबंधित विभाग में भर्ती करके उपचार किया जाएगा। जबकि पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। बताया कि यहां से डिस्चार्ज होकर जा चुके कोरोना मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्था और मजबूत बनाया गया है। यहां शिफ्टवाइज अलग से ड्यूटी लगाते हुए तीस बेड आरक्षित किए गए हैं।