गुमनामी बाबा उर्फ भगवन जी का सामान 26 फरवरी से अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखा जाएगा। प्रशासन ने इस बाबत संग्रहालय के उपनिदेशक को पत्र भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने इसको प्रदर्शित किए जाने के लिए 31 मार्च की तिथि तय की है। शासन ने इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिया है।
कई साल तक अयोध्या और फैजाबाद में निवास करने वाले गुमनामी बाबा को ही काफी लोग सुभाषचंद्र बोस के रूप में मानते हैं। इनके सामान को संरक्षित किए जाने के लिए उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था। प्रदेश शासन ने अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में म्यूजियम बनाए जाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का आवंटन भी कर दिया है।
इन सामानों को संरक्षित किए जाने के लिए प्रदेश की सात सदस्यीय समिति गठित की गई है इसमें कई तकनीकी विशेषज्ञ हैं। प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष व एडीएम सिटी ने सामान स्थानांतरण की कार्रवाई के लिए तकनीकी टीम के संयोजक व उपनिदेशक अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय योगेश कुमार को पत्र लिखकर 26 फरवरी से कार्रवाई शुरू कराने के लिए कहा है।
बाबा के सामानों के तीन चरणों में म्यूजियम तक पहुंचने की उम्मीद है। पहले चरण में कोषागार में रखे सामानों को प्रशासनिक समिति अपने कब्जे में लेगी। इसके बाद इन्हें तकनीकी समिति को सौंपा जाएगा। यह समिति सामानों को वैज्ञानिक विधि से संरक्षित करने के बाद म्यूजियम में रखवाएगी।
सामानों को कोषागार प्रशासन से समिति को हैंडओवर किए जाने के दौरान फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और डिजिटल फोटोग्राफी होगी। इसकी इनवेंट्री बनाई जाएगी। एडीएम सिटी आरएन शर्मा और तकनीकी समिति के संयोजक योगेश कुमार ने उक्त कार्रवाई शुरू किए जाने की पुष्टि की है।