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सरकारी बसों में भींगकर यात्रा कर रहे यात्री

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सरकारी बसों में भीगकर यात्रा कर रहे लोग
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फैजाबाद। बारिश के चलते सरकारी बसों में सफर करना मुश्किल हो गया है। ज्यादातर बसों के शीशे टूटे होने व छत जर्जर होने से यात्री भीगकर यात्रा करने को मजबूर है। हाल ये है कि रोडवेज परिसर में भी जलभराव हो रहा है। यही नहीं खड़ी बसों में पानी भरा देख यात्री उसमें सफर करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीपो की 90 फीसदी बसें सही हैं और वो सड़कों पर दौड़ रही है, कंडम बसों को कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजा गया है।
फैजाबाद से कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, वाराणसी, गोंडा, बहराइच, बस्ती व गोरखपुर समेत अन्य मार्गों पर प्रतिदिन 136 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से 115 बसें सरकारी व 21 बसे अनुबंधित शामिल है। वहीं 15 बसे कंडम हालत में हैं जो कार्यशाला में खड़ी हैं। ‘अमर उजाला’ की टीम ने फैजाबाद रोडवेज पर जब बसों का हाल देखा तो लखनऊ जाने वाली दो बसों के शीशे टूटे हुए मिले। इसके अलावा इनके दरवाजे भी जर्जर थे। साथ ही बसों के अंदर भी पानी भरा हुआ था। वहीं, अन्य रूट पर जाने वाली व दूसरों डीपो की भी अन्य बसों का हाल बुरा मिला। लखनऊ जा रहे नाका निवासी विकास हिरानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकांश बसों की हालत खराब है। जरा सा पानी बरसने में पानी अंदर आने लगता है। इसके चलते सीटें भी भीग जाती हैं, जिससे इन पर बैठना मुश्किल होता है। वहीं लखनऊ जा रहे दूसरे यात्री रामनगर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि सरकार किराया तो बढ़ा रही है लेकिन सुविधाएं घटती जा रही है। बसों की हालत पहले से ही खराब है, बरसात में तो इनमें सफर करना मुश्किल हो रहा है। बताया कि काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं लेकिन मेंटेन बस नहीं मिल रही है।
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फैजाबाद के एआरएम नंद किशोर चौधरी ने बताया कि डिपो की 90 फीसदी बसें मेंटेन हैं। कुछ बसे कंडम हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए कार्यशाला में भेजा गया है। अभी तक किसी यात्री ने बसों में पानी आने की शिकायत नहीं की है।
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