दस हजार मानदेय के विरोध में हुए लामबंद
फैजाबाद। 10 हजार मानदेय पर मूल पदों पर वापस करने की कैबिनेट मंजूरी से शिक्षामित्रों ने फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। बुधवार को शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की व मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा।
संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षामित्र भारी संख्या में बुधवार को दोपहर में बीएसए कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षामित्रों ने नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला। सिटी मजिस्ट्रेट सीएल मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने कहा कि यूपी सरकार शिक्षामित्रों से किये वादे से भाग रही है। दस हजार के मानदेय से कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही सरकार की इस वादाखिलाफी का परिणाम भयानक होगा।
जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि सरकार के निर्णय से शिक्षामित्र लगातार मर रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन होती जा रही है। मुख्यमंत्री को संकल्प पत्र का वादा जल्द पूरा करना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों से किये गए वायदे को निभाने से भाग रही है।
आंदोलन के समय सरकार ने समान कार्य समान वेतन की बात कही थी और अब वादाखिलाफी कर रही है। मीडिया प्रभारी अनूप द्विवेदी ने कहा कि योगी सरकार वादा निभाने के बजाय शिक्षामित्रों को कानूनी पाठ पढ़ा रही है।
शिक्षामित्र अब महा आंदोलन करने को बाध्य हैं। इस मौके पर विजय वर्मा, रामजी द्विवेदी, अरविंद दुबे, राजेश मिश्रा, अरुण सिंह, अनिल पाण्डेय, रामदर्शन यादव, शैलेन्द्र निषाद आदि मौजूद रहे।