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अवध की धरती पर मुस्लिम कलाकार करेगें रामलीला

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अयोध्या शोध संस्थान के आमंत्रण पर 15 को आ रहा इंडोनेशियाई दल
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अयोध्या। अवध की धरती पर मुस्लिम कलाकारों का समूह रामलीला मंचन करेगा। अयोध्या शोध संस्थान के संयोजन में इंडोनेशियाई दल रामलीला मंचन के लिए अयोध्या पहुंच रहा है। शोध संस्थान के आमंत्रण पर पहले 12 सितंबर को लखनऊ में रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद 15 सितंबर को फैजाबाद के अवध विश्वविद्यालय में पहली बार रामलीला का मंचन होने जा रहा है।

अयोध्या शोध संस्थान, अवध विश्वविद्यालय व श्री सरयू अवध बालक सेवा समिति अयोध्या के संयुक्त तत्वाधान में इंडोनेशिया से 12 सदस्यीय दल आगामी 15 सितंबर को अयोध्या पहुंचेगा। अपराह्न 12:30 बजे अवध विवि में रामलीला का मंचन करेगा।
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पहले यह लीला मंचन तुलसी स्मारक भवन अयोध्या में होना था, लेकिन अधिक से अधिक संख्या में दर्शक उपलब्ध कराने की मंशा को लेकर अवध विवि में करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान रामलीला के विविध प्रसंगों का मंचन होना है।

कार्यक्रम का आयोजन दूत हनुमान शीर्षक से होगा। इसके अंतर्गत सीता हरण, जटायु, हनुमान और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का मिलन है। अवध विवि के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित विवि में पहली बार होने जा रहे रामलीला मंचन को लेकर काफी उत्सुक हैं।

उनका कहना है कि विवि के छात्र/छात्राओं के लिए भारतीय संस्कृति के विविध स्वरूप व रंगों को जानने का यह सुनहरा अवसर होगा। इंडोनेशिया में 86 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम बहुल है। मुस्लिम कलाकारों द्वारा अवध की धरती पर रामलीला के मंचन से अयोध्या की संस्कृति की विश्व व्यापकता भी परिलक्षित होगी।

आयोजन समिति में शामिल श्री सरयू अवध बालक सेवा समिति के संयोजक आशीष मिश्र बताते हैं कि ऐसे आयोजन से अयोध्या की गंगा-जुमनी तहजीब बुलंद होगी।

विदेशों में प्रचलित है अयोध्या की रामलीला
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह बताते हैं कि संस्थान हर वर्ष रामलीला मंचन के लिए विदेशी रामलीला दल को आमंत्रित करता है। पिछले वर्ष भी कंबोडिया की रामलीला मंडली ने अयोध्या में रामलीला मंचन किया था।
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वहीं अयोध्या पारंपरिक रामलीला विदेशों में भी प्रचलित है। संस्थान के कलाकारों द्वारा अब तक न्यूजीलैंड, फिजी, त्रिनिदाद और टोबेगो, थाईलैंड और सूरीनाम जैसे देशों में रामलीला मंचन किया जा चुका है।
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