केएम डिस्टलरी प्लांट सील, प्रबंधन पर 36.5 लाख का जुर्माना
पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
मसौधा (अयोध्या)। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे केएम डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट को सील कर दिया तथा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदूषण निवारण तथा जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम की धारा 1974 के तहत 36.5 लाख का जुर्माना भी डिस्टिलरी प्रबंधन पर लगाया है।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की है। जिसके चलते प्लांट को सील कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है। वहीं चीनी मिल के डिस्टिलरी प्लांट के प्रबंधन का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिर्फ परेशान करने के लिए शुक्रवार देर शाम पहुंचकर डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट को सील कर प्रोडक्शन पर रोक लगा दी। प्रबंधन पर 36.5 लाख जुर्माने के तौर पर नोटिस काटने की कार्रवाई भी की है।
इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी स्वामीनाथ ने बताया कि केएम डिस्टिलरी प्लांट में प्रोडक्शन के पूर्व की औपचारिकताओं को प्रबंधन द्वारा पूर्ण नहीं किया है। जिसके चलते पर्यावरणीय क्षति हो रही थी। यह भी बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यूनिट को सील करने की कार्रवाई की गई है।
कहा कि प्रदूषण निवारण तथा जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत शुक्रवार देर शाम डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट को सील कर दिया गया। इसके बाद 36.5 लाख का जुर्माना भी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में डिस्टिलरी प्रबंधन पर किया गया है। मामले में क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी स्वामीनाथ का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट को सील कर दिया गया।
वहीं केएम शुगर मिल के अधीनस्थ केएम डिस्टिलरी प्लांट के प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी बीएन मिश्रा का कहना है कि डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट की सारी औपचारिकताएं पूर्ण हैं। प्रदूषण नियंत्रण के समस्त संयंत्र लगाए गए हैं। इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी द्वारा परेशान करने के इरादे से डिस्टिलरी प्लांट की प्रोसेसिंग यूनिट को सील कर काम रोक दिया गया तथा 36.5 लाख जुर्माने की नोटिस भी जारी की गई है। बोर्ड की इस मनमानी कार्रवाई के खिलाफ डिस्टिलरी प्रबंधन कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।