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प्राण-प्रण से साकार करेगें परमहंस का स्वप्न:योगी आदित्यनाथ

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हर मठ-मंदिर से होना चाहिए गौ पालन और संरक्षण : योगी
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गो पालन और संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। हर मंठ-मंदिर से गोपालन होना चाहिए। सरकार जिलों में गो अभ्यारण खोल रही है। वहां समितियां बनाकर लोगों के सहयोग से गौ पालन और संरक्षण होगा।

कहा कि अयोध्या के हर मठ-मंदिर को दो वंश व हर गृहस्थ परिवार को एक गो वंश के पालन की जिम्मेदारी लेनी होगी। भगवान राम का अवतार गौ व द्विज की रक्षा के लिए हुआ था।
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ऐसे में राममंदिर की बात करने वालों को सड़क पर दुर्दशा झेल रहे गोवंश के पालन व संरक्षण को पहली प्रमुखता देनी होगी। उन्होंने पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती की चुटकी ली कि वे गाय नहीं, गधा पालते हैं। जिस दिन गौ पालन करेंगे मैं उनके यहां जाऊंगा।

वे मंगलवार को अयोध्या के रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में गौ शाला के शुभारंभ के बाद संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रानोपाली आश्रम ने दिव्य गौशाला का निर्माण किया है।

यह पवित्र कार्य है इसके लिए आश्रम का अभिनंदन करता हूं। गौ, गंगा, गायत्री की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को एकजुट होकर अपना जीवन समर्पित करना चाहिए। उन्होंने उदासीन परंपरा की जमकर तारीफ की, कहा कि इस संप्रदाय की परंपरा जगतगुरु श्रीचंद्रजी महाराज से होती है।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास के प्रति अपनी दृढ़ता स्पष्ट करते हुए कहा कि अयोध्या को समृद्ध व जीवंत नगरी बनाने के लिए हम सभी को योगदान देना होगा। कहा कि बुधवार को हम सब आजादी की 71वीं वर्षगांठ मनाएंगे।

हम एक ऐसा भारत चाहते हैं जिसमें गंदगी, भ्रष्टाचार, अराजकता, नक्सलवाद, भेदभाव न हो। ऐसी व्यवस्था ही रामराज्य कहलाती है। इसके लिए सबको एक साथ आना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2017 में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी।

सरकार गठन के बाद तत्काल अवैध बूचड़खानों को बंद कराया गया। गौ-तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया गया। इसमें सभी का सहयोग रहा। लेकिन गोवंश बड़ी संख्या में सड़क पर दिखने लग हैं।

अब हमने सभी नगर निगमों को अपने-अपने जनपदों में पांच से 10 हजार गो वंश के लिए अभ्यारण बनाने का निर्देश दिया है। धनराशि भी उपलब्ध करा दी है। फैजाबाद में दो अभ्यारण बना रहे हैं। इसका संचालन गो समितियां करेंगी।

हर मठ-मंदिर को दो गो वंश का खर्च उठाने के लिए आगे आना होगा, जबकि हर गृहस्थ परिवार के एक। उदासीन पंचायती बड़ा अखाड़ा इलाहाबाद के महंत महेश्वरदास जी महाराज ने कहा कि गौ सेवा हमारी संस्कृति रही है।

गाय को केवल माता कहने से काम नहीं चलेगा, गौ संरक्षण भी जरूरी है। पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश के संरक्षण के लिए सभी नगर निगमों में गौशाला स्थापित करने का सराहनीय कदम है।

उन्होंने परमहंस जी को भी याद करते हुए कहा कि परमहंस जी ने राममंदिर आंदोलन को विश्वव्यापी बनने में अहम योगदान दिया, उनके संकल्पों की सिद्धि आवश्यक है।

इसके पहले महंत कन्हैयादास रामायणी ने मुख्यमंत्री के सामने राममंदिर निर्माण में हो रही देरी का सवाल उठाते हुए कहा कि रामचंद्रदास परमहंस के सपनों के साकार होने का समय आ गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक जीव के लिए जहर है। इसे सरकार 15 अगस्त से पूर्णरूप से प्रतिबंधित कर रही है। अब प्रदेश में प्लास्टिक का प्रयोग नहीं होगा। कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए अत्यंत खतरनाक है।

इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने की जरूरत है। जीव व सृष्टि को बचाना है तो पर्यावरण को बचाना होगा। स्वच्छता के लिए भी सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि गली, मोहल्ला व शहर स्वच्छ रहे यह हर व्यक्ति की सोच होनी चाहिए।

रानोपाली उदासीन आश्रम पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीधे नवनिर्मित श्री नारायण गौशाला का रुख किया। फीता काटकर नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मौजूद गोवंशों को मुख्यमंत्री ने बड़े ही भाव से चारा भी खिलाया।

महंत डॉ.भरत दास ने बताया कि अभी गौशाला में 100 गोवंशों का संरक्षण किया जाएगा। आगे विशाल रूप देने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उदासीन संपद्राय के 335 वर्षों के इतिहास को समाहित करने वाले पुस्तक रानोपाली दर्शन का भी लोकार्पण किया।

उन्होंने तपोनिष्ठ संत महंत कल्याणदास की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारत के धर्माकाश में चमकते संत हैं। सनातन धर्म की परंपरा का प्रचार-प्रसार हो, जागरूकता पैदा हो इसको लेकर बाबा जी का बड़ा योगदान है।

ज.गु.श्रीचंद्र जी महाराज जो गुरुनानक देव के पुत्र थे उन्होंने उदासीन परंपरा के नए संप्रदाय की नींव रखी। मुख्यमंत्री योगी ने का कि गौ माता धर्म व अर्थ दोनों की प्रतीक हैं। पुरुषार्थ चतुष्टय की परिकल्पना गौ माता साकार करती हैं।

भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव रखें। जनपद में नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय है। उसकी मदद से भारतीय नस्ल के उन्नत फसलें कैसे लाई जा सकती हैं इस पर काम होने की जरूरत है। गोमूत्र, गोबर से कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं। गोबर गैस प्लांट के माध्यम से गैस का प्रयोग ऊर्जा के लिए कर सकते हैं, तो केरोसिन, सिलेंडर गैस आदि पर निर्भरता कम होगी।

महंत सुरेश दास ने कहा कि मुख्यमंत्री सहज और विकास को समर्पित हैं। इनकी अगुवाई में अयोध्या के सभी सपने साकार होंगे। इससे पूर्व दिगंबर अखाड़ा पहुंचने पर महंत सुरेश दास के निर्देशन में मुख्यमंत्री का वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने संत-धर्माचार्यों के साथ परमहंस जी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का संचालन महंत जन्मजेय शरण ने किया।
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इस दौरान ज.गु. राघवाचार्य, ज.गु.श्रीधराचार्य, महंत धर्मदास, महंत दिनेंद्र दास, महंत रामभूषण दास कृपालु जी, महंत नारायणाचार्य, महंत मैथिलीरमण शरण, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, महंत रामशरण दास, महंत जन्मेजय शरण, महंत शशिकांत दास, शैलेंद्रमणि जी महाराज, महंत अवधेशदास, महंत त्रिभुवन दास, संत राजूदास, सांसद लल्लू सिंह, अयोध्या नरेश बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, विधायक शोभा सिंह चौहान, विधायक इंद्रप्रताप तिवारी, विधायक गोरखनाथ बाबा, विधायक रामचंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य मौजूद रहे।
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