स्कूल चलो अभियान में हुए सिर्फ 32 हजार नामांकन
फैजाबाद। स्कूल चलो अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में अधिकाधिक नामांकन कराने की सरकार की मुहिम को झटका लग रहा है। करोड़ों खर्च के बाद भी शिक्षा स्तर न सुधरने से अभिभावक अपने बच्चे को परिषदीय स्कूलों में नहीं पढ़ाना चाहते हैं।
मजबूरी में केवल गरीब तबका ही यहां बच्चों को भेज रहा है। 2 अप्रैल से शुरू हुए स्कूल चलो अभियान के तहत अब तक करीब 32 हजार नामांकन हुए हैं, जबकि निकलने वाले छात्रों की संख्या करीब 39 हजार है।
ऐसे में पुरानी छात्र संख्या पर टिके रहना ही बड़ी चुनौती है। जबकि विभाग ने पुरानी छात्र संख्या में 10 प्रतिशत इजाफा का लक्ष्य बनाया है। एक ओर अंधाधुंध शुल्क वसूली के बाद भी जहां निजी स्कूलों में दाखिले की होड़ लगी है, वहीं शासन की ओर से कॉपी-किताब, जूता-मोजा, स्वेटर, मध्याह्न भोजन यहां तक कि निशुल्क शिक्षा प्रदान करने सहित तमाम लुभावने हथकंडे अपनाने के बावजूद भी बच्चों को परिषदीय विद्यालय रास नहीं आ रहे हैं।
नामांकन बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष सरकारी स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत एक माह तक स्कूल चलो का शोर सुनाई देता है। लेकिन यह अभियान सिर्फ जनप्रतिनिधियों व उच्च अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने व सुर्खियों में बने रहने तक सीमित रहता है। इसी का खामियाजा है कि तीन वर्षों में इन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ने के बजाय लगातार घटती जा रही है।
जिले में कुल 1529 प्राथमिक व 568 जूनियर हाईस्कूल हैं। यहां बीते सत्र में कुल एक लाख 89 हजार 396 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। वर्तमान सत्र का आगाज 2 अप्रैल से हो चुका है। तभी से स्कूल चलो अभियान की मुख्यालय पर जोरदार शुरुआत हुई। इसके तहत जागरूकता रैली निकाली गई। इसके बाद एक-दो दिन तक ब्लॉक स्तर से भी रैली निकाली गई।
लेकिन अभियान परवान नहीं चढ़ सका। अभियान के तहत सभी स्कूलों के अध्यापक-अध्यापिकाओं को घर-घर जाकर जनसंपर्क करना था, जो कि अभी तक वजूद में नहीं आ सका। हालत यह है कि अब तक जिले भर में मात्र 32 हजार नवीन नामांकन का दावा किया जा रहा है। जबकि पास आउट होने वाले छात्रों की संख्या ही करीब 39 हजार है।
इस बार गत वर्ष की छात्र संख्या में कम से कम 10 प्रतिशत का इजाफा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मौजूदा समय में जिले की कुल छात्रसंख्या एक लाख 82 हजार 563 पहुंच चुकी है। लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए अभी भी करीब 25 हजार नवीन नामांकन आवश्यक है, जो कि असंभव प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी भी विभाग की ओर से हार नहीं मानी गई है और सितंबर माह तक कम से कम पुरानी छात्र संख्या तक पहुंचने की बात की जा रही है। लेकिन इसे जिम्मेदार किस स्तर तक अमली जामा पहनाते हैं, यह भविष्य की गर्त में है।
परिषदीय स्कूलों में साल-दर-साल घट रही बच्चों की संख्या
वर्ष छात्र संख्या
2015 203449
2016 191874
2017 189396
2018 (अब तक) 182563
स्कूल चलो अभियान के तहत व्यापक स्तर पर अधिकाधिक नामांकन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। अब तक करीब 32 हजार नामांकन हो चुका है। अभी सितंबर माह तक नामांकन जारी रहेगा, तब तक और नामांकन होने की उम्मीद है।-संजय गुप्ता, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी