आंधी में घर पर गिरा पेड़, मां-बेटी की मौत
फैजाबाद। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार शाम अचानक आई धूल भरी तेज आंधी से जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर के थाना कैंट अंतर्गत रेतिया इलाके में एक छप्पर के मकान पर भारी भरकम पेड़ गिर जाने से उसमें दबकर गर्भवती महिला और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। आंधी से शहर के अंजनीपुरम जलकल के पास एक पेड़ बिजली तार पर गिरा। जबकि रुदौली, गोसाईगंज, सोहावल, मवई, महबूबगंज, बीकापुर व अयोध्या समेत जिले के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति छिन्न-भिन्न हो गई है। दुकानों व कचहरी में वकीलों के शेड-छप्पर उड़ गए। होर्डिंगों को भी भारी क्षति हुई है। देहातों में हालत और खराब रही। आशियाने उजड़ गए हैं। आंधी से फसलों को भारी क्षति हुई है। खेत में खड़ी गेहूं की फसल लोट गई। जबकि कटी हुई फसलें और मड़ाई का भूसा उड़ गया।
जिले में सोमवार शाम करीब 4:30 बजे आई धूल भरी आंधी में रेतिया इलाके में एक भारी भरकम पेड़ छप्पर के एक मकान पर गिर गया। इस मकान में मजदूरी करने वाले बिहार निवासी सुदीन कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चियों के साथ रहता था। घटना के समय सुदीन काम पर गया था। जबकि उसकी दो वर्षीय बच्ची सृष्टि बगल के एक घर में खेलने गई थी। घर पर उसकी गर्भवती पत्नी ममता (26) व शिवानी (5) थी। आंधी के दौरान नीम का एक बड़ा पेड़ भरभराकर छप्पर पर गिर गया। इसमें दोनों दब गए। घटना की सूचना पर स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और लोगों ने पेड़ की डाल काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। वहीं सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट छोटेलाल मिश्र, एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, सीओ सिटी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। पेड़ को हटाने के लिए तत्काल दो जेसीबी मशीनों का इंतजाम किया। पेड़ की डाल को काटकर व बची हुई डाल को रस्से के सहारे हटाकर घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें मासूम शिवानी और उसकी मां ममता का शव क्षत विक्षित अवस्था में मिला, पुलिस ने उसे अस्पताल भेजवा दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि हादसे में महिला व उसकी बच्ची की मौत हो गई है। गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नहीं बचाया जा सका है। अभी पेड़ को हटवाया जा रहा है, पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
गर्भवती थी मृतका, अगस्त में होना था प्रसव
मृतका के पति सुदीन बिहार का रहने वाला था, वह 10 वर्षों से नवीन मंडी में पल्लेदारी कर जीवन यापन करता था। उसका ममता से विवाह चार वर्ष पूर्व हुआ था। उसके दो बच्चियां भी थी। सुदीन ने रोते हुए बताया कि ममता गर्भ से थी और उसे अगस्त में बच्चा होने वाला था। वह अगले महीने अपने मायके जाने वाली थी। वहीं उसकी छोटी बेटी सृष्टि हादसे के समय बगल के घर पर खेल रही थी, जिससे वह बाल-बाल बच गई।
सीएम ने 8 लाख रुपये देने की घोषणा की : विधायक
हादसे के बाद नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने इसकी सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी। उन्होंने ने बताया कि मृतक के परिवार को अपनी शोक संवेदना देते हुए दोनों मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
पेड़ गिरने से बिजली ठप, महोत्सव का उड़ा पंडाल
आंधी के चलते शहर के अंजनीपुरम इलाके में जलकल के पास एक पेड़ बिजली के तार पर गिर गया, हालांकि इससे जन हानि नहीं हुई। मगर बिजली शाम पौने सात बजे तक ठप रही। पावर कॉर्पोरेशन की टीम अथक प्रयास के बाद शहर में बिजली बहाल करने में सफलता पाई। वहीं, गुलाबबाड़ी के मैदान पर चल रहे अवध महोत्सव में लगा पंडाल उड़ गया, वहां लगे स्टाल आदि ध्वस्त हो गए। आंधी के बाद जुड़वा शहर अयोध्या-फैजाबाद समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल हो गई, कई जगह देर रात तक बिजली आपूर्ति सुचारुकिए जाने का प्रयास किया जा रहा। गोसाईगंज इलाके में सेवरा घाट में पलटूराम का कच्चा मकान गिर गया। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार काशीपुर में हनुमान गौतम के घर के बगल लगे बिजली के पोल का केबल टूट गया। जिससे मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। जेई विकास पाल ने बताया कि कई स्थानों से तार टूटने की खबर से आपूर्ति बाधित की गई। काशीपुर में टीम भेजी गई है। हनुमतनगर प्रतिनिधि के अनुसार आंधी से जमूरतगंज-बिल्लहरघाट मार्ग पर मोहतसिमपुर गांव के पास मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। वहीं लक्ष्मीदासपुर में एक छप्पर गिर जाने से लोग परेशान रहे।
अगले चौबीस घंटे छाए रहेंगे बादल, हो सकती बूंदाबांदी
मौसम विभाग का मानना है कि अभी चौबीस घंटे तक इसका असर बने रहने की उम्मीद है। वहीं जिले के कुछ इलाकों में आंधी से हल्की बूंदा-बांदी भी हुई, जिसके बाद मौसम में नमी देखने को मिली। तेज हवा से राह चलना दुश्वार हो गया। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे तक आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। साथ ही तेज हवा व गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी बीके सिंह बताते हैं कि अब तक आई आंधी से फसलों को बहुत नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन यदि इस आंधी के साथ बारिश हुई तो सरसों, गेहूं जैसी फसलों को क्षति हो सकती है। उनके दाने खराब हो सकते हैं। उत्पादन पर प्रभाव पड़ सकता है।