विभाग नहीं कर रहा कोई इंतजाम
फैजाबाद। शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने बाद से नगर क्षेत्र के करीब 30 विद्यालयों के बच्चों के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वैसे पूरे जिले के परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है।
लेकिन नगर क्षेत्र के इन विद्यालयों में सिर्फ एक ही शिक्षामित्र की तैनाती होने से यहां ताला लटक गया है। चार दिन से बच्चे बस्ता लेकर आते हैं, कुछ देर तक गेट के बाहर या अंदर जाकर गुरुजी का इंतजार करते हैं और फिर मायूस होकर घर लौट जाते हैं।
बता दें कि चार दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। उसके बाद से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने आंदोलन की राह पकड़ ली और स्कूल न जाकर बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नगर क्षेत्र के 42 प्राथमिक विद्यालयों में से 30 ऐसे विद्यालय हैं, जो सिर्फ एक ही शिक्षामित्रों की भरोसे चल रहे थे। इनमें से भी कई विद्यालय तो जगह के अभाव में एक ही परिसर में जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों के साथ संचालित होते हैं।
जूनियर विद्यालय खुलने से इन प्राथमिक विद्यालयों का ताला भी खुल जाता है। लेकिन पढ़ाई नहीं होती। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय रीडगंज का यही हाल रहा। बगल ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित होने से प्रावि का कैम्पस तो खुल गया।
करीब एक दर्जन बच्चे भी आए, कुछ देर साफ-सफाई करके बैठे रहे और चले गए। बच्चों ने कहा कि जब से गुरुजी की नौकरी गई है, पढ़ाई बंद हो गई है। इसके अतिरिक्त 13 विद्यालयों में एक ही शिक्षामित्र थे, जिनमें चार दिन से ताला लटका है।
विद्यालय की चाभी शिक्षामित्रों के पास है, इसलिए न तो विद्यालय खुल रहा है और न ही पठन-पाठन कार्य प्रारंभ हो रहा है। प्राथमिक विद्यालय अंगूरीबाग में ताला बंद रहा। यही हाल प्राथमिक विद्यालय धारा रोड प्रथम, द्वितीय, रामनगर प्रथम, फतेहगंज, बेगमगंज गढ़ैया, सहादतगंज प्रथम, नाका आदि का रहा।
इस बाबत प्रभारी बीएसए रामशंकर ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर व्याप्त खामियों को दूर कराने का निर्देश दिया गया है। यदि नगर क्षेत्र में विद्यालय बंद हैं तो नगर शिक्षा अधिकारी के साथ वार्ता कर अध्यापन कार्य संचालन की व्यवस्था कराई जाएगी।