बीकापुर। व्यवस्था और हाजिरी लगाने को लेकर तहसील के रिजर्व मतदान कर्मियों के साथ तहसीलदार दिग्विजय सिंह का रविवार को विवाद हो गया।
इस दौरान तहसीलदार पर एक मतदानकर्मी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना का व थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया।
वीडियो वायरल होने पर मामले को संज्ञान में लेते हुए निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारी से घटना की रिपोर्ट मांगी। दिनभर अधिकारियों और मतदान कर्मियों के बीच चली कई चक्र की वार्ता के बाद शाम को जांच अधिकारी सीओ सिटी अरविंद चौरसिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों में आपसी सहमति और समझौते के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया।
अंबेडकरनगर लोकसभा सीट के लिए गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को मतदान के दौरान रिजर्व मतदान कर्मियों को तहसील सभागार में रखा गया था, जिसमें तमाम शिक्षक व शिक्षिकाएं शामिल थे।
मतदान कर्मियों का आरोप है कि भोजन, पानी, शौचालय तथा रहने के लिए उचित प्रबंध न होने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। परेशानी के चलते रात में महिला मतदान कर्मी अपने-अपने घर चली गईं।
उनका कहना है कि रहने के लिए व्यवस्था और असुविधा के कारण वह तहसीलदार से पूछकर अपने घर गईं और सुबह जब तहसील पहुंचीं तो तहसीलदार द्वारा कहा गया कि देर से आने के कारण अनुपस्थित किया जाएगा।
जिसके चलते नोकझोंक शुरू हुई। इसी दौरान तहसीलदार दिग्विजय सिंह अपने चेंबर में चले गए। वहां भी मतदान कर्मी पहुंच गए और वाद-विवाद शुरू हुआ।
नोकझोंक के दौरान एक मतदान कर्मी शिक्षिका सपना सिंह को चक्कर आ गया और वह गिर पड़ी। उसके बाद हंगामा शुरू हुआ। आरोप है कि इस दौरान तहसीलदार ने एक मतदान कर्मी को थप्पड़ जड़ दिया।
इस दौरान हंगामे व पिटाई का किसी ने वीडियो बना लिया। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। मामले को संज्ञान में लेते हुए निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारी से घटना की रिपोर्ट मांगी है।
जिले पर सूचना होने के बाद सिटी सीओ अरविंद चौरसिया भी तहसील पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने दोनों पक्षों का बयान भी दर्ज किया।
मामले को लेकर मतदान कर्मी आक्रोशित दिखे और कहा की मानदेय का भुगतान नहीं लेंगे। लेकिन शाम को दोनों पक्षों की वार्ता के बाद मतदानकर्मी और तहसीलदार द्वारा आपसी सहमत से मामले का समाधान किया गया उसके बाद मतदान कर्मी अपना मानदेय लेने को राजी हुए, और अपना मानदेय लेकर चले गए।
तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने की शिकायत किसी मतदान कर्मी द्वारा अभी तक नहीं की गई है। तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने बताया कि कोई मारपीट नहीं हुई है।
सुबह कुछ मतदान क र्मियों के ड्यूटी पर देरी से आने और व्यवस्था को लेकर उनके साथ कुछ बातचीत हुई थी। बाद में दोनों पक्षों द्वारा मामला सुलझा लिया गया।
मामले को बेवजह तूल देने का प्रयास किया गया। जांच अधिकारी पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविंद चौरसिया ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद दोनों पक्षों का बयान लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।