उफनाई सरयू, रिहायशी इलाकों में पहुंचा पानी
फैजाबाद। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और लगातार हो रही बारिश से सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 41 सेमी. ऊपर पहुंच गया है।
अभी भी सरयू के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेमी. की बढ़ोत्तरी हो रही है। सरयू के बढ़ते जलस्तर के बाद अयोध्या के चौधरी चरण सिंह घाट समेत एबी व रौनाही तटबंध पर के कछारों में पानी चढ़ना शुरू हो गया है।
इससे कछार के लोग ऊंचे स्थान पर पलायन कर रहे हैं। रौनाही तटबंध के महगू का पुरवा व एबी तटबंध के मूडाडिहा में पानी गांव के आ गया है। कछार के कई गांवों में कटान का भी सिलसिला जारी है।
बैराजों से पिछले एक पखवारे के बीच 30 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे सरयू के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। पांच दिनों से सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से ऊपर चल रहा है।
कभी-कभी नदी थम जाती है लेकिन बैैैराजों का पानी अयोध्या पहुंचते ही नदी एक बार फिर उफान शुरू हो जाती है। मंगलवार सुबह शारदा, सरयू व गिरजा बैराज से 2.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नदी अब तक इस वर्ष के सबसे ऊंचे आंकड़े तक पहुंच गई है। शाम छह बजे केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सरयू का जलस्तर 93.14 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। इसके साथ ही नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
सुबह तक 93.35 मीटर तक जाने की संभावना बनी हुई है। सरयू के बढ़ते जलस्तर के बाद अयोध्या के चौधरी चरण सिंह घाट के निकट स्थित फटिक शिला समेत कई आश्रमों के निकट पानी चढ़ना शुरू हो गया है।
फटिक शिला से मात्र 20 मीटर की दूरी तक पानी पहुंच चुका है। दूसरी ओर अयोध्या-बिल्हर घाट तटबंध मूडाडिहा में नदी का जलस्तर गांव के बराबर आ गया है। गांव प्रधान बताते हैं कि अगर रात्रि में जलस्तर में वृद्धि होती है तो गांव में पानी चढ़ना शुरू हो जाएगा।
यही हाल रौनाही तटबंध के कछार का भी है। कैथी मांझा पहले से ही टापू बना हुआ है। महगू का पुरवा समेत कई गांव में पानी बिल्कुल गांव के निकट तक पहुंच चुका है। सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण दोनों तटबंधों के कछार में बसे लोग ऊंचे स्थान के लिए पलायन कर रहे हैं।
रुदौली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की हकीकत जानने मंगलवार दोपहर जिलाधिकारी डॉ. अनिल पाठक महंगू का पूरवा पहुंच गए। बारिश के चलते अधिकतर गांव दोनों तरफ पानी से घिरे हुए है। जिसके कारण ग्रामीणों को काफी असुविधा का सामना करना पढ़ रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा विभाग के साथ ही प्रशासन की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के लिए लगाई गई है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से समस्याओं के बारे में चर्चा की।
ग्राम प्रधान राजेंद्र चौरसिया से ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जा रहे राहत सामग्री के बारे में भी पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि राशन व केरोसिन का वितरण समय से हो जाता है।
बाढ़ राहत खंड के अधीक्षण अभियंता जेपी यादव ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण सरयू के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। मंगलार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 93.14 मीटर तक पहुंच गया है।
अभी नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की संभावनाएं बनी हुई हैं। हालांकि अभी तक एबी व रौनाही तटबंध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वहीं शहर में मंगलवार को दोपहर आधे घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम के नाले साफ कराने के दावों की कलई खोल दी है।
नालियों और नालों के चोक होने के कारण शहर की सड़के जलमग्न हो गई। शहर के चौक, रीडगंज, रिकाबगंज, फतेहगंज व नियांवा सहित कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही मोहल्लों में जलभराव की स्थिति काफी देर तक बनी रही। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में भी जलनिकास न होने के कारण कंपाउंड में पानी भर गया। रोडवेज परिसर, पीडब्ल्यूडी दफ्तर, पुलिस लाइंस, डूडा समेत कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। यहां दिनभर जलभराव की स्थिति बनी रही।