नगर क्षेत्र 11 स्कूल बंद मिले, देहात क्षेत्र की तैयार हो रही रिपोर्ट
फैजाबाद। जिले के अधिकांश शिक्षामित्रों के दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए जाने से बुनियादी शिक्षा फिर चरमरा गई। अगस्त से अब तक शिक्षामित्रों के तीसरी बार आंदोलन छेड़ने से मासूमों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मामले में नवागत डीएम ने सख्ती दिखाई तो सोमवार को शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
नगर क्षेत्र की आनन-फानन में तैयार की गई रिपोर्ट में 11 स्कूल बंद मिले। डीएम ने देहात क्षेत्रों के भी बंद व प्रभावित स्कूलों की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही बीएसए को चेताया है कि मंगलवार से कोई भी स्कूल बंद नहीं होना चाहिए, वरना कार्रवाई होगी। हालांकि मंगलवार को भी स्कूल खोलने का जुगाड़ विभाग को सूझ नहीं रहा है।
कई दिन से परिषदीय स्कूलों की बदहाल हुई शिक्षा व्यवस्था सोमवार को भी ढर्रे पर नहीं आ सकी। दो दिन से बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन स्थगित करने के बाद आंदोलित शिक्षामित्र सोमवार को प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली चले गए। ऐसे में सिर्फ शिक्षामित्रों के ही भरोसे चल रहे विद्यालयों में नौनिहालों की पढ़ाई ठप हो गई है।
जिले के अधिकांश विद्यालयों में सोमवार को भी शिक्षामित्र गैरहाजिर रहे। कहीं-कहीं संबद्ध शिक्षकों के भरोसे विद्यालय खुले तो रहे मगर पढ़ाई नहीं हो सकी। कई विद्यालयों में बीटीसी प्रशिक्षु कमान संभाले हुए हैं। नगर क्षेत्र में तैनात कुल 32 शिक्षामित्रों में से सोमवार को मात्र एक ही ड्यूटी पर उपस्थित रहा।
क्षेत्र के कुल 28 विद्यालयों में एकल शिक्षामित्रों की तैनाती है, जिनमें से 15 विद्यालय तो जूनियर हाईस्कूल के कैंपस में ही संचालित हैं। ऐसे में इन विद्यालयों के ताले तो खुल गए मगर गुरु जी नहीं थे। इसके चलते पढ़ाई नहीं हो सकी। दो विद्यालयों में दूसरे स्कूल के शिक्षकों को संबद्ध किया गया है।
शेष 11 विद्यालयों में पूरी तरह तालाबंदी रही। बच्चे रोज की भांति सोमवार को भी आए लेकिन पढ़ाई व भोजन के बगैर ही लौट गए। इन विद्यालयों के संचालन में विभाग को पसीना छूट रहा है। सोमवार को विद्यालयों के बंद होने को गंभीरता से लेते हुए डीएम अनिल कुमार पाठक ने नाराजगी जताई।
बीएसए को वैकल्पिक व्यवस्था करने व सभी अनुपस्थित शिक्षामित्रों की उपस्थिति सायंकाल तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके लिए जिले के कुल अनुपस्थित शिक्षामित्रों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। फिलहाल विभाग की मानें तो अभी शिक्षकों की अनुपस्थिति व कमी के कारण इन विद्यालयों के हालात सुधरने के आसार नहीं हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था पर हो रहा मंथन
जिले में शिक्षकों की कमी पहले से ही है। शिक्षामित्रों की हड़ताल से समस्या बढ़ गई है। फिर भी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए मंथन किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी स्कूल खुलेंगे।
-संजय गुप्ता, नगर शिक्षा अधिकारी