वर्ष 2001 में एसडीएम रुदौली के आवास में की थी चोरी
फैजाबाद। एसडीएम रुदौली के आवास से उनका रिवॉल्वर, बेशकीमती मूर्तियां व नकदी चोरी के मामले में अभियुक्त को कोर्ट ने दोषी पाते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 5900 रुपए जुर्माना भी किया है।
यह फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट के जज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से बुधवार को हुआ। अभियुक्त वर्ष 2012 से जेल में बंद है। इसके दो आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई है। उनका विचारण इसी कोर्ट में चल रहा है।
एडीजीसी शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि घटना 26 मई 2001 की है। रुदौली के तत्कालीन एसडीएम भरत जी पांडेय ने मामले की रिपोर्ट लिखाई थी। उसमें आरोप था कि घटना की रात दो बजे के आसपास बिजली चली गई।
इससे वह आवास के बाहर बरामदे में फोल्डिंग बेड पर सो गए। घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। लॉन में दो होमगार्ड आशाराम व जगेसर तैनात थे। सुबह पांच बजे उठा तो आवास का दरवाजा खुला मिला। कमरे में वह गए तो सभी ब्रीफकेस गायब थे।
शर्ट खूंटी से नीचे गिरी थी। देखा तो चारों ब्रीफकेस व कमरे से कई सामान गायब हो गए थे। छोटे ब्रीफकेस में रखा उनका रिवॉल्वर भी चोर उठा ले गए थे। घड़ी चांदी की मूर्ति, सोने की राम लक्ष्मण व सीता की मूर्ति, मोबाइल व 555 रुपए नकद भी चोर उठा ले गए थे।
इसकी रिपोर्ट उन्होंने अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखाई थी। दौरान विवेचना पुलिस ने अभियुक्त सुखदेव उर्फ कचालू, मुग्गन सिंह उर्फ अमरजीत सिंह निवासी बसहा, किशोर उर्फ राम किशोर निवासी रतनपुर थाना रौनाही को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से चोरी गई मूर्तियां व अन्य सामान बरामद किया था।
बाद में प्रशासन ने सबके खिलाफ गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुग्गन सिंह को चोरी का दोषी पाते हुए चार साल की सजा व गैंगेस्टर के आरोप में दो साल की सजा सुनाई।