लाल निशान से एक मीटर ऊपर हुई सरयू, रामघाट हाल्ट के पीछे का इलाका भी डूबा, चल रहीं नावें
अयोध्या/फैजाबाद। पहाड़ों पर भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से सरयू/घाघरा नदी कहर बरपा रही है। रामनगरी में आश्रम और मंदिरों समेत सौ से अधिक घर पानी में डूब गए हैं। कुष्ठ आश्रम में भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है।
रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे के मोहल्लो में नाव चल रही है। बांध व नदी के बीच बने घरों-मंदिरों और दुकानों का अस्तित्व समाप्त होने की ओर है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अयोध्या में परिक्रमा मार्ग समेत हाल्ट स्टेशन और कई मंदिरों के रोड बंद कर दिए हैं।
जबकि फैजाबाद में निर्मलीकुंड के रास्ते पर बैरियर लगाकर आवागमन रोका गया है। उधर, रुदौली, पूरा, मया और सोहावल के कक्षारीय इलाकों में 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि नदी का जलस्तर लाल निशान से एक मीटर ऊपर स्थिर है।
सरयू में आई बाढ़ रामनगरी के तटीय इलाकों में तबाही मचा रही है। फ टिक शिला आश्रम सहित एक सौ से अधिक घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। नयाघाट स्थित मधुकरिया संतों का आश्रम जलमग्न हो गया है। लक्ष्मणघाट परिक्रमा मार्ग भी लबालब है।
रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे का इलाका सरयू में समाहित हो चुका है। कई दुकानें भी सरयू की बाढ़ में डूब गई है, जिससे दुकानदारों के समक्ष रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक, सरयू का जलस्तर शुक्रवार शाम 4 बजे तक खतरे के निशान 92.73 मीटर से 100 सेंमी ऊपर रिकॉर्ड हुआ है।
जलस्तर 93.73 मीटर पर बीती रात्रि से ही स्थिर है। फिलहाल सरयू की बाढ़ से अयोध्या के तटीय इलाके प्रभावित हैं। फटिक शिला आश्रम में रह रहे करीब 100 संतों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे बसे करीब 45 मकान बाढ़ के पानी में समाहित हो गए हैं।
फटिक शिला जाने वाले मार्ग पर बालू की बोरियां डालकर पानी को रोकने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। उधर, गुप्तारघाट की सभी दुकानें लबालब हो गई हैं। मंदिर तक पानी चढ़ आया है। गुमनामी बाबा की समाधि पानी में डूब गई है। नरसिंह मंदिर में घुसने की ओर है। निर्मलीकुंड के शिव मंदिर में पानी भर गया है।
तटीय इलाके की दो दर्जन दुकानों और 50 घर पानी में डूब गए हैं। लेकिन राहत के इंतजाम कहीं नहीं दिख रहे हैं। आरएम अयोध्या अशोक कुमार के निर्देशन में रामघाट हाल्ट के आसपास बाढ़ पीड़ित 44 परिवारों को 2-2 लीटर मिट्टी का तेल वितरित किया गया। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि इतने तेल से क्या होगा? अन्य सुविधाएं भी प्रशासन को मुहैय्या कराना चाहिए।
बाढ़ में भी जारी है संतों का जप
सरयू की बाढ़ ने रामनगरी में भी कहर मचा रखा है। अयोध्या के तटीय क्षेत्रों में स्थित मठ-मंदिर, आश्रम व मकान सरयू के रौद्र रूप का शिकार हो गए हैं। बगही बाबा के नाम से प्रसिद्ध बाबा रामाज्ञा दास का आश्रम फटिक शिला में भी घुटनों तक पानी भर गया है।
यहां 100 की संख्या में नाम जापक संत नियमित साधनारत रहते हैं। सरयू की बाढ़ में भी उनकी आस्था नहीं डिगी है और नाम जापक संतों का जप अनवरत जारी है। नाम जापक संत रत्नेश कहते हैं कि सभी संत आश्रम में साधनारत हैं, आश्रम में पानी भर गया है लेकिन आस्था के आगे दुश्वारियां बौनी साबित हो जाती है।
नाव से आ-जा रहे लोग, सहायता नदारद
बाढ़ पीड़ित रामपति निषाद कहती हैं कि दो दिन से कोई पूछने नहीं आया है। शुक्रवार को लेखपाल आए तो हालचाल पूछ चलते बने। पन्नी डालकर घाट पर बसर कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी जानवरों को हो रही है। उन्हें कहां लेकर जाएं।
रामघाट की निवासिनी रीता का भी घर बाढ़ में डूब गया है। वह नाव से अपने बच्चों के लिए खाना लाती दिखीं। परिवार घाट पर शरण लिए हुए है बताया कि पांच दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
रिकॉर्ड तोड़ने की ओर अग्रसर सरयू
अयोध्या। वर्ष 2011 के बाद इस बार फिर सरयू का जलस्तर रिकॉर्ड तोड़ने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय जल आयोग के अभियंता विनय कुशवाहा के मुताबिक, सरयू इस वर्ष खतरे के निशान 92.73 मीटर से लगभग एक मीटर ऊपर पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी तक सरयू का उच्चतम जलस्तर 94.10 मीटर 2009 में अक्टूबर में रिकार्ड हुआ था।
इसे उच्चतम फ्लड लेवल माना जाता है। बताया कि बीते वर्ष 2010 में सरयू का उच्चतम जलस्तर 93.91 मीटर, 2011 में 93.92 मीटर, 2012 में 93.35 मीटर, 2013 में 93.34 मीटर, 2014 में 93.60 मीटर, 2015 में 92.61 मीटर, 2016 में 93.25 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। वहीं 2017 में सरयू अब तक 93.73 मीटर तक पहुंच चुका है। अभी जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है।