तालाब की भूमि पर दर्ज कराया अपना नाम
- एसडीएम ने किया अंकन निरस्त, होगी जांच
बड़ागांव। सोहावल तहसील क्षेत्र के पिलखांवा के मजरे बधवापुर में तालाब की लगभग चालीस बीघे जमीन को ग्रमीणों ने खतौनी बनवा कर बड़ा खेल कर दिया। 50 वर्षों से तालाब की भूमि पर की जा रही खेती को उपजिलाधिकारी सोहावल अवधेश प्रताप सिह ने गंभीरता से लेते हुए निरस्त कर जमीन को तालाब के खाते अंकित कराया।
चकबंदी के दौरान बधवापुर में तालाब की भूमि गाटा सं. 1176, रामअचल, केशवराम, रामकेवल, देवसरन, राम कैलाश आदि के नाम, गाटा संख्या 1179मि. घनश्याम व गाटा 1179मि. रामकरन ने फर्जी तरीके से अपना नाम दर्ज कराकर खतौनी बनवा लिया तथा करीब पचास वर्षों से उस पर काबिज हैं। गांव के ही कृपाराम वर्मा ने उपजिलाधिकारी सोहावल के यहां इस मामले में वर्ष 2002 में अपील की थी। जिस पर उपजिलाधिकारी सोहावल ने गुरुवार को तालाब की भूमि का खतौनी में हुए अंकन को निरस्त करने का आदेश दिया है। इस संबध में उपजिलाधिकारी सोहावल ने बताया कि खतौनी में किए गए अंकन को निरस्त कर दिया गया है, काबिज व्यक्तियों पर जांचोपरांत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।