जिले में 18 हजार दो सौ किसानों को 50 लाख रुपये बीमा राशि लाभ दिया जाएगा। यानि प्रत्येक किसान को मिलने वाली औसत धनराशि सिर्फ 275 रुपये है।
गेहूं की फसल के लिए जिले में जिन किसानों ने बैंक से गेहूं की बुआई के लिए ऋण लिया था। उन किसानों से बैंक प्रीमियम धनराशि 706 रुपये 62 पैसे प्रति हेक्टेयर काट कर भुगतान किया गया।
जिले के 18 हजार दो सौ किसानों ने 12 हजार 984 हेक्टेयर भूमि का बीमा कराया। जिसकी प्रीमियम धनराशि 92 लाख रुपये बैंकों के माध्यम से बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोंबार्ड के खाते में जमा की गई। शुरू में तो फसल अच्छी रही। मार्च में धीरे-धीरे मौसम किसानों को विपरीत होने लगा।
बे मौसम बरसात से 50 फीसदी तक फसलों का नुकसान हुआ। कुदरत का सर्वाधिक कहर रुदौली तहसील क्षेत्र के किसानों पर टूटा। गेहूं की बालियां बनने से लेकर फसल पकने तक किसानों की 50 फीसदी से अधिक की फसल बर्बाद हो गई।
बीमा कंपनी ने अब तक जिले के किसानों के लिए प्रथम किस्त के तौर पर 15 लाख रुपये धन का भुगतान किया है। कंपनी से अभी भी शेष 35 लाख रुपये किसानों के खाते में आना बाकी है।
वर्जन :
बीमा कंपनी ने किसानों के फसल बीमा के नुकसान का जो आकलन किया है। वह वाकई कम है। कंपनी ने जो सूचना मुहैया कराई है। उसके तहत जिले के किसानों के लिए महज 50 लाख रुपये का ही लाभ किसानों को मिलेगा। - डॉ. राजेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी।