सरकार चाहे तो चौबीस घंटे में ला सकती राममंदिर निर्माण का अध्यादेश
अयोध्या। शिवसैनिकों ने अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाया था। जिसे तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने गर्व से स्वीकार किया था। दुख की बात है कि इसके 25 साल बीतने के बाद भी मंदिर निर्माण शुरू नहीं किया गया।
मोदी सरकार चाहे तो 24 घंटे के अंदर सदन में अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है, लेकिन सरकार की ऐसी मंशा दिखाई नहीं देती। कहा जब ट्रिपल तलाक व एससी एसटी पर कुछ घंटे में अध्यादेश आ सकता है तो, मंदिर निर्माण पर क्यों नहीं पहल की जा रही।
अब मंदिर निर्माण की पहल करने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे नवंबर के दूसरे सप्ताह में अयोध्या आएंगे। तिथि की घोषणा मुंबई में दशहरा मेला के दौरान की जाएगी। कहा कि इसकी तैयारी के लिए वो अयोध्या आए हैं। प्रशासन से सुरक्षा व अन्य विषयों पर बात की जाएगी।
यह बातें शुक्रवार को यहां आए शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद ने संजय राउत ने कही। उन्होंने रामलला के दर्शन भी किए। पत्रकारों से बातचीत में शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि 2019 के चुनाव से पहले मंदिर निर्माण शुरू होना चाहिए।
अब मंदिर के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए। कहा कि 2019 के बाद भी भाजपा ने राम को वनवास में रखा तो, जनता भाजपा को वनवास दे देगी। उन्होंने पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल के निधन पर सीबीआई जांच की मांग की।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण व प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे संत परमहंस दास को प्रशासन द्वारा जबरन उठाने पर कहा कि सरकार संतों की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ कर रही है।
बताया कि हम संत से मिलने के लिए निकले थे लेकिन प्रशासन ने नहीं आने दिया। कहा कि परमहंस के प्रति सरकार द्वारा किया गया कृत्य अशोभनीय है।