फैजाबाद। भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। 20 साल पहले जौनपुर में हुई लूट और हत्या के एक मामले में उन्होंने पुलिस और कोर्ट को बस्ती के हरैया का गलत पता बताया था। इसी के चलते उन्हें आज तक दोनों मामलों में कोई वारंट नहीं मिला। हालांकि बस्ती पुलिस ने 2002 में ही इसकी जानकारी कोर्ट को दे दी थी।
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एसपी जौनपुर को इस मामले सुबूत जुटाने का जिम्मा सौंपा गया है। अब अगर एक भी ऐसा वारंट पाया गया, जिसमें फैजाबाद पुलिस को भेजने की पुष्टि हुई तो यहां की पुलिस भी जांच के दायरे से आएगी।
भाजपा विधायक खब्बू तिवारी के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने वाले मोहम्मद जुनेद ने प्रमुख सचिव गृह से लूट और हत्या के मामले में गलत पता देने की शिकायत की है। जुनेद का आरोप है कि 1997 में जीप लूट की घटना की रिपोर्ट जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाने में अपराध संख्या 77/97 में दर्ज है। जीप लूटने वाले बदमाशों ने सोनभद्र जिले के पिपरी थाना अंतर्गत एक पीसीओ संचालक की हत्या की थी, यह मामला मुकदमा अपराध संख्या 142/ 97 धारा 302, 506 आईपीसी के तहत दर्ज हुआ था।
पुलिस ने घेराबंदी करके बदमाशों को पकड़ा था, जिसमें वर्तमान गोसाईगंज के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी भी शामिल थे। खब्बू तिवारी ने हत्या के मामले में अपनी जमानत के दस्तावेजों में ग्राम गौहनिया, थाना हरैया, जनपद बस्ती फर्जी पता दर्ज कराया था। इसलिए कोर्ट के बार-बार पेशी वारंट पर वे नदारद रहते थे।
कुर्की की कार्रवाई के दौरान नौ मार्च 2002 को हरैया के तत्कालीन थानाध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट को बताया कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पुत्र कृष्ण गोपाल तिवारी ग्राम बरई पारा थाना महाराजगंज जनपद फैजाबाद के निवासी हैं। उनके द्वारा दिया गया पता गलत है, इसलिए सही पते पर कुर्की की कार्रवाई की जाए।
थानाध्यक्ष ने सही पते की तस्दीक के लिए जिला पंचायत सदस्य चुने गए खब्बू तिवारी का प्रमाण पत्र भी कोर्ट को भेजा। जुनेद ने प्रमुख सचिव गृह से शिकायत की कि मेरी लूटी गई जीप की बरामदगी के बाद जौनपुर कोर्ट ने भी इसी फर्जी पते का संज्ञान लिया। पता गलत होने कारण इनकी पेशी नहीं हो पाई। जिसका फायदा उठाते हुए खब्बू तिवारी ने विधानसभा चुनाव में शपथपत्र में भी लूट की घटना नहीं दिखायी।
जुनेद ने मांग की है कि प्रशासन और न्यायालय को गलत सूचना देकर गुमराह करते हुए विधायक बने खब्बू तिवारी की जमानत सोनभद्र हत्याकांड में रद कराई जाए। साथ ही उनके खिलाफ कड़ी विधिक कार्यवाही की जाए।
उधर, विधायक खब्बू तिवारी कहना है कि उन्हें लूट की घटना के बारे में कुछ भी पता नहीं है। मामला 20 साल पुराना है यदि कोर्ट से कोई नोटिस या वारंट मिला होता तो हाजिर होकर विधिक कार्यवाही का सामना करते। चुनाव के दौरान अपने शपथ पत्र में भी इसका जिक्र करते। मामले को उठाने वाले राजनीतिक विद्वेष की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिसका जनता जवाब देगी।