फैजाबाद। भारत सरकार की ओर से पारित किए जा रहे नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में शनिवार को आईएमए ने एक दिवसीय हड़ताल करके धरना-प्रदर्शन किया। निजी नर्सिंग होम में सिर्फ पहले से भर्ती मरीजों का इलाज किया गया। इससे दूर-दराज से सभी निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को मजबूरी में लौटना पड़ा। डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन कर एनएमसी बिज को पूर्णत: अलोकतांत्रिक, गरीब विरोधी, संघीय विरोधी व अमीरों को रास आने वाला बताया।
नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिले के अन्य निजी चिकित्सकों के साथ गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए आईएमए के सचिव व नेत्र विशेषज्ञ डॉ संजय कुमार पांडेय ने कहा कि यदि सरकार इस बिल को पारित करती है तो चिकित्सक समुदाय देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरने को डॉ. एसएम द्विवेदी, डॉ. आरसी अग्रवाल, डॉ. पीडी त्रिपाठी, डॉ. केएन कौशल आदि ने विचार व्यक्त किए। वहीं जिले में आईएमए के हड़ताल से सभी नर्सिंग होम में सन्नाटा पसरा रहा। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का रूटीन चेकअप के बाद चिकित्सकों ने धरने में हिस्सा लिया। शहर के देवा हॉस्पिटल, यशलोक हॉस्पिटल, हरि आई सेंटर सहित कई निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले नए मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।