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17 नामांकन खारिज, दावेदार व समर्थकों का हंगामा

Sun, 21 Apr 2019 01:48 AM IST
vivek vivek न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
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अयोध्या में नामांकन पत्रों की जांच करते जिला निर्वाचन अधिकारी व प्रेक्षक। - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव में नामांकन करने वाले 31 प्रत्याशियों में से शनिवार देर शाम तक चली जांच में 17 परचे खारिज हो गए। जैसे ही इसकी घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी ने की, बाहर लोग हंगामा करने लगे। कई लोगों ने कलक्ट्रेट कक्ष के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। एक महिला दावेदार तो फूट-फूट कर रोने लगी। प्रशासन पर जानबूझकर पर्चे खारिज किए जाने का आरोप लगाया। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप पर धरना दे रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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रिटर्निंग अफसर/ डीएम अनुज कुमार झा ने विधिमान्य 14 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करते हुए बताया कि खामियों के चलते 17 नामांकन पत्रों को खारिज किया गया है।  फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से कुल 31 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। रिटर्निंग अफसर अनुज कुमार झा और प्रेक्षक ए. सूर्य कुमारी की उपस्थिति में शनिवार को शुरू हुई नामांकन पत्रों के जांच की कार्रवाई देर शाम तक चली। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय कक्ष पर जांच को लेकर निर्वाचन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के साथ ही यहां तैनात अफसर मौजूद रहे। प्रपत्रों की जांच में तरह-तरह की खामियां बताई गई है।

किसी ने नामांकन पत्र ठीक से नहीं भरा था तो किसी के हस्ताक्षर ठीक नहीं थे। स्क्रीनिंग में 31 में से 17 दावेदारों के नामांकन पत्र विभिन्न खामियों के चलते निरस्त कर दिए गए। नामांकन पत्र खारिज होने साथ ही कक्ष के बाहर चहल कदमी बढ़ गई। कुछ लोगों ने हंगामा करने की भी कोशिश की। नामांकन पत्र खारिज होने को लेकर दावेदारों ने विरोध शुरू कर दिया। प्रशासन पर आरोप मढ़ने शुरू कर दिया। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रत्याशी मनीष पांडेय ने अपने साथियों के साथ कक्ष के बाहर ही धरना देना शुरू कर दिया।
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बहुजन महापार्टी की प्रत्याशी नसरीन बानों भी कक्ष के बाहर फर्श पर बैठ गईं। वह फूट-फूटकर रोने लगी। इसके साथ ही राजपरीक्षित सिंह सहित उनके सहयोगी भी विरोध पर उतर आए। मनीष पांडेय का आरोप था कि नामांकन पत्र जानबूझकर खारिज किया गया। बताया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से फैक्स के जरिए इसकी शिकायत की है। इसके खिलाफ वह हाईकोर्ट जाएंगे। यहां आरोप लग रहे थे कि इतनी बड़ी संख्या में नामांकन पत्र जानबूझकर खारिज किए गए। काफी देर तक यह स्थिति बनी रही तो प्रशासन ने पुलिस बुला ली।

पुलिस ने धरना देने वाले लोगों को हिरासत में ले लिया। महिला प्रत्याशी को महिला पुलिस ले गई तो दूसरे लोगों को कोतवाली पुलिस अपने साथ ले गई। सीओ सिटी अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि नसरीन बानों, राजपरीक्षित सिंह व संदीप सिंह के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। रिटर्निंग अफसर अनुज कुमार झा ने बताया कि विभिन्न खामियों के चलते 17 नामांकन पत्र खारिज हो गए हैं। 14 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए।

फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से कुल 31 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इस आधार पर दो वैलेट यूनिट से ही मतदान कराना पड़ता, मगर शनिवार को रिटर्निंग अफसर अनुज कुमार झा और प्रेक्षक ए. सूर्य कुमारी की उपस्थिति में शुरू हुई नामांकन पत्रों के जांच में 17 नामांकन पत्र खारिज होने के बाद अब एक ही वैलेट यूनिट से मतदान कराने का रास्ता साफ हो गया है। इससे निर्वाचन कार्य में काफी सहूलियत मिलेगी।

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जांच में 17 लोगों के नामांकन पत्र विभिन्न खामियों के चलते खारिज किए गए हैं। इनमें आदर्श वादी कांग्रेस पार्टी के बृजेंद्र दत्त त्रिपाठी, स्वतंत्र जनता राज पार्टी के शिव प्रकाश, अखिल भारती समग्र क्रांति पार्टी के शेष नाथ पांडेय, जन सृजन पार्टी के राकेश कुमार पांडेय, निर्दल राजकुमार, पीस पार्टी के राम शिला, अखिल भारत हिंदू महासभा के मनीष कुमार पांडेय, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के लायक अली, भारतीय सर्वोदय पार्टी के राज परीक्षित सिंह, बहुजन महापार्टी की नसरीनबानो, आदर्श मानव अधिकार पार्टी की सुदामा देवी, डॉ. भीम राव अंबेडकर दल के मो. इस्माइल, नैतिक पार्टी शैलेंद्र कुमार शुक्ल, अवामी पार्टी के शब्बीर, सत्य शिखर पार्टी के डॉ. वी तिवारी, राष्ट्रवादी पार्टी ऑफ इंडिया के संतोष कुमार सिंह और समाजवादी पार्टी की इंदू सेन के नामांकन पत्र रिटर्निंग अफसर ने खारिज कर दिया है।
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