कांवड़िए साथ नहीं लाएंगे कांच की बोतल व कुल्हाड़ी-डंडे
अयोध्या। महाशिवरात्रि को लेकर जिला प्रशासन ने बुधवार को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाई है। तय हुआ है कि कोई भी श्रद्धालु कांच की बोतलें जलाभिषेक के लिए नहीं लाएगा। कांच की बोतल टूटने से हादसे होते हैं। यह भी हिदायत दी गई कि कांवड़ियों के पास कुल्हाड़ी और डंडे भी प्रतिबंधित रहेंगे।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व 4 मार्च को मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि के पर्व पर रामनगरी के नागेश्वरनाथ व क्षीरेश्वर महादेव में सीमावर्ती जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने एवं कांवर लेकर कांवड़िए आते है। इस अवसर पर शांति-सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए सचेत रहने की आवश्यकता है।
जनपद बाराबंकी में थाना रामनगर क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोधौरा स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर में भी महाशिवरात्रि कांवर लेकर बैसाखी व कुल्हाड़ी व डंडे के साथ पैदल एवं विभिन्न वाहनों से कांच की शीशी-बोतल में जलाभिषेक के जल भरकर लाते हैं, जो अयोध्या सरयू स्नान एवं नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक करने आते है।
प्राय: जलाभिषेक के दौरान यह कांच की बोतलेें मंदिर के अंदर टूट जाती है। कभी-कभी कांवड़ियों द्वारा आक्रोशित होकर शीशी-बोतल से लोगों पर प्रहार भी किया जाता है, जिससे शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए मेला परिसर में कांच की शीशी-बोतल में जल लाने ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जाना नितांत आवश्यक है।
इस परिप्रेक्ष्य में जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों को कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों या जरीकेन आदि में जल लेकर आने-जाने के लिए शांति-सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक कार्यवाही समय से सुनिश्चित करें।