जिसकी जितनी संख्या, उसे उसी आधार पर मिले आरक्षण : शिवपाल
फैजाबाद। बहुजन क्रांति मोर्चा के बैनर तले आयोजित परिवर्तन महारैली में सपा छोड़कर नया मोर्चा बनाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि जिसकी जितनी संख्या हो, उसे उसी आधार पर आरक्षण देना चाहिए।
परिवार की राजनीति का दर्द बयां करते हुए कहा कि सपा के नए मुखिया की उपेक्षा से नया मोर्चा बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि राजनीति करने का मेरा मकसद नहीं था।
किसान परिवार में जन्म लेकर खेती-किसानी करके नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ ही राजनीति शुरू की। जब हम सत्ता में आए तो प्रदेश के कोने-कोने में जाकर जनता का काम किया।
कहा कि ये हमारे आदर्श रहे डॉ. लोहिया की धरती है। हम आज भी उन्हीं के आदर्शों पर चल रहे हैं। आजादी की लड़ाई हर वर्ग के लोगों ने लड़ी थी। लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी अनुसूचित जाति के लोगों को पक्का मकान नहीं मिला।
उनके तन पर कपड़े और पैरों में जूते नहीं हैं। ये लोग बीमार होने पर अपना इलाज नहीं करा पाते हैं। शहीदों के सपने आज भी अधूरे रह गए। बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वामन मेश्राम ने कहा कि एससी-एसटी के साथ देश भर में अन्याय हो रहा है।
भारत बंद के दौरान 2 अप्रैल को भाजपा ने अनुसूचित जाति के 13 लोगों को गोली मार दी। नरेंद्र मोदी ने भारत के संविधान को संसद में धर्मग्रंथ कहा था लेकिन जंतर-मंतर पर पुलिस के सामने संविधान जलाया गया और सरकार चुप रही।
कहा कि मोदी स्वयं को पिछड़ा वर्ग का बोलते हैं लेकिन उन्होंने पिछड़े वर्ग के विकास के लिए एक भी रुपया नहीं दिया। एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग के 314 लोग आईएएस, आईपीएस बन गए थे लेकिन प्रधानमंत्री ने फाइल रद्द कर दी।
कहा कि यह परिवर्तन रैली छह राज्यों में चल रही है। आपके वोट के बदौलत शांतिपूर्ण तरीके से परिवर्तन लाया जाएगा। लेकिन इसमें अवरोध का सबसे बड़ा माध्यम ईवीएम है। सुप्रीमकोर्ट ने भी कहा है कि ईवीएम से निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता।
इसके घोटाले के लिए सभी साक्ष्यों के साथ सुप्रीमकोर्ट में केस दायर किया था, लेकिन रजिस्ट्रार ने जज की रिपोर्ट नहीं भेजी। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाया और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जाने की बात कही।
राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हजरत मौलाना अब्दुल हमीद अजहरी ने कहा कि 2006 में बम धमाका हुआ। इससे उन शक्तियों का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो 2008 में फिर धमाका कराया गया।
जिसमें सर्वाधिक मुस्लिम लोग मारे गए और पुलिस ने मुस्लिमों को ही बंद कर दिया। आज बम धमाका कराने वाली शक्तियों का भारत में शासन है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष वंशीलाल यादव ने कहा कि देश के हालात खराब हैं।
महारैली को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास चौधरी, डॉ. ओमप्रकाश कुशवाहा, कुलदीप यादव, प्रोफेसर रामधारी दिनकर, डॉ नंदलाल, निशा मेश्राम, बीडी वर्मा आदि मौजूद रहे।
गुलाबबाड़ी में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से आयोजित परिवर्तन महारैली में कुछ लोग जानकारी के अभाव में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नाम पर तो कुछ परिवर्तन के लिए आए।
रैली में आए कुछ लोगों से अमर उजाला प्रतिनिधि ने बात की तो सबकी अलग-अलग राय सामने आई, जो चौंकाने वाली रही। ऐमी आलापुर से आए दलित रामफकीरे, शिवलाल व अंबेडकरनगर के रामसरन, भुंइधर ने बताया कि बीएसपी के कार्यकर्ताओं ने रैली में आमंत्रित किया था।
लेकिन हमें पता था कि यह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की रैली है। इसलिए हम लोग बहनजी को सुनने के लिए यहां पहुंच गए। लेकिन यहां स्थिति कुछ और है। सुल्तानपुर के सियाराम ने कहा कि ईवीएम के विरोध में लोकतंत्र बचाने के ये परिवर्तन महारैली का आयोजन किया गया है।
हम भी आयोजकों के विचारों से सहमत हैं, इसलिए रैली में शामिल हुए हैं। बाराबंकी के प्रेमचंद ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के हक के लिए लड़ी जा रही इस लड़ाई में हम बहुजन क्रांति मोर्चा से प्रभावित हैं। पदाधिकारियों के विचारों को सुनने के लिए हम यहां आए हैं।