(लीड पैकेज में ही)
इकबाल अंसारी ने संतों के साथ खेली होली
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। होली पर्व पर रामनगरी में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल एक बार फिर बुलंद हुई। हिंदू-मुस्लिमों ने एक साथ मिलकर फूलों की होली खेली तो सांप्रदायिक सद्भाव की खुशबू बिखरती नजर आई। बाबरी मसजिद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास के आश्रम पहुंचे और संतों के साथ होली खेली। संतों ने भी इकबाल को अबीर-गुलाल लगाकर सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया।
होली की पूर्व संध्या पर इकबाल अंसारी रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के आवास पर पहुंचे। यहां हिंदू-मुस्लिमों ने एक साथ मिलकर फूलों की होली खेली तो होली के प्रतिनिधि गीत होली खेलें रघुबीरा, अवध मां होली खेलें रघुबीरा जैसे गीतों को भी गुनगुनाया। इस अवसर पर आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जो लोग अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की वजह से आपसी द्वेष की बात करते हैं, वह गलत हैं। अयोध्या से भाईचारे का जो संदेश है, वह उत्तम है। आज हमने फूलों की होली इसलिए खेली है ताकि हिंदू-मुस्लिमों में प्रेम की खुशबू बिखरे। पूरे विश्व में अयोध्या से एकता, सद्भावना एवं भाईचारे का पैगाम जाए। इकबाल अंसारी ने कहा कि अल्लाह व भगवान एक की हैं, अयोध्या में त्योहारों पर हिंदू-मुस्लिम एक साथ मिलते हैं। होली मिलन हो या ईद मिलन, यहां हमेशा सद्भाव दिखता है। हम अयोध्या का सद्भाव कभी भी बिगड़ने नहीं देगें। यही संदेश देने के लिए आज हम संतों के साथ होली खेल रहे हैं। इस अवसर पर तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास सहित अन्य संत-महंत भी मौजूद रहे।