फैजाबाद। नरेेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं का जोश देखने लायक रहा।
होनहार कृषि के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। उनका कहना है कि आधुनिक खेती से किसानों में खुशहाली लाने की कोशिश पहला लक्ष्य होगा।
इस बार स्नातकोत्तर के तीन छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। स्नातक के सात मेधावियों को कुलाधिपति गोल्ड मेडल मिला।
जबकि स्नातकोत्तर के 16 मेधावियों को कुलपति स्वर्ण पदक व स्नातक स्तर पर सात को कुलपति स्वर्ण पदक मिला। सात को विश्व विद्यालय स्वर्ण पदक, चार को एमएसी गृह विज्ञान के लिए कुलपति स्वर्ण मिला।
विभिन्न संकाय के 51 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। महराजगंज के कुलपति स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले संदीप यादव पुत्र रामप्रीत यादव वैज्ञानिक बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं।
कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली आजमगढ़ निवासी आदिति दत्त पुत्री डॉ. अरुण कुमार सिंह वर्तमान में झांसी विश्वविद्यालय में इकोनॉमिक्स प्रोफेसर हैं और शोध कर भविष्य में प्रोफेसर बनना चाहती हैं।
फैजाबाद के किसान भानु प्रताप सिंह की पुत्री शिवानी सिंह बीएससी होम साइंस पास हैं और टीचर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। इन्हें कुलपति स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है।
सुल्तानपुर हलियापुर के व्यापारी शिवकुमार की पुत्री साधना गुप्ता 2007 में एमएससी कर चुकी हैं। शोध कर देश में खाद्य समस्या का निराकरण करना चाहती हैं।
कुमारगंज के किसान संचित तिवारी की पुत्री ज्योति तिवारी कृषि वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। इन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। कुलपति स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली अलीसा आफता पुत्री अफ्ताफ हुसैन ने 2017 में एमएससी पास किया है।
गृह विज्ञान की छात्रा अलीसा शोध करना चाहती हैं। आजमगढ़ निवासी रूमा वर्मा एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और प्रोफेसर बनकर समाज को शिक्षित करना चाहती हैं।
इन्हें कुलपति स्वर्ण पदक मिला है। कुलपति गोल्ड मैडल पाने वाली देवरिया निवासी सृस्टि कुशवाहा पुत्री त्रिभुवन कुशवाहा कृषि अर्थशास्त्र में परास्नातक हैं और वैज्ञानिक बनना चाहती हैं।
ऐश्वर्या मिश्रा पुत्री श्रीप्रकाश मिश्रा उद्यान विज्ञान में परास्नातक वैज्ञानिक बनना चाहती हैं, इन्हें कुलपति स्वर्ण पदक से नवाजा गया है।
कुलपति स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली बिजनौर निवासी अंकिता सिंह पुत्री संजीव विश्नोई क्रॉप फिसियोलॉजी में परास्नातक हैं और शोध कर प्रोफेसर बनना चाहती हैं
आजमगढ़ के आयुर्वेदिक चिकित्सक गिरीशदत्त पटेल की पुत्री स्वेता पटेल कृषि जैव प्रोद्योगिकी में परास्नातक हैं और डायटीशियन बनना चाहती हैं। इन्हें कुलपति गोल्ड मैडल दिया गया है।
मऊ निवासी निरुपमा पुत्री डॉ. विनोद सिंह कृषि स्नातक हैं और प्लांट जिनिटिक्स में एमएससी कर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। इन्हें राज्यपाल से स्वर्ण पदक मिला है। उत्तराखंड के रूद्रपुर निवासी शिखा सिंह पुत्री राम रूप सिंह कृषि स्नातक हैं और डायटीशियन बनना चाहती हैं।