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राम के लिए मिला जनादेश, जल्द बनेगा राममंदिर

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अयोध्या। शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के साथ रामलला का दर्शन करने पहुंचे शिवसेना के सांसदों ने कहा कि राममंदिर उनके लिए राजनीति का नहीं बल्कि आस्था का विषय है।
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महाराष्ट्र ही नहीं देशभर के हिंदुओं को राममंदिर निर्माण का इंतजार है। हमें उम्मीद भी है कि अब हमारा इंतजार और लंबा नहीं होने वाला है।


शिवसेना प्रमुख के आने से पूर्व ही शिवसेना के सभी सांसद रंगमहल बैरियर पहुंच गए थे। सांसदों व कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया।


गाजे-बाजे के साथ शिवसेना के सांसद जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए रामजन्मभूमि पहुंचे। इस दौरान जैसे ही उद्धव अपने पुत्र आदित्य ठाकरे व सांसद संजय राउत के साथ रामजन्मभूमि पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ सांसदों ने भी नारा लगाना शुरू किया।


देखो-देखो कौन आया, शिवसेना का शेर आया...। सांसदों ने कहा कि रामलला अब बहुत दिनों तक टेंट में नहीं रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी को राममंदिर के लिए ही जनादेश मिला है।
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हम भी उनके साथ है। समय अनुकूल है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही राममंदिर बनेगा। सांसदों ने यह उम्मीद जताई कि वे अगली बार जब अयोध्या आएं तो रामलला की आरती करें। सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे के साथ रामजन्मभूमि जाकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।



संतों ने किया उद्धव का स्वागत
रामजन्मभूमि दर्शन करने पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का रंगमहल मंदिर के सामने रामनगरी के संतों ने 21 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया। शिवसेना प्रमुख ने संतों से आशीर्वाद लिया। वे संतों को लेकर रामलला का दर्शन करने आए।


इस दौरान मौजूद लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण ने कहा कि शिवसेना प्रमुख राममंदिर को लेकर प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। राममंदिर उनके लिए आस्था का विषय है। जो भी राममंदिर की बात करता है, राममंदिर के पक्ष में हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। स्वागत करने वालों में महंत छोटू शरण, नागा रिंकूदास, शिवसेना के प्रदेश सचिव अनिरूद्ध देव त्रिपाठी, जिला प्रमुख संतराम पांडेय, अयोध्या नगर अध्यक्ष रजत पांडेय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


रोके गए श्रद्धालु
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 10.30 बजे रामनगरी पहुंचकर रामलला का दर्शन किया। इस दौरान भीड़ को देखते हुए क्रॉसिंग डी-1 बैरियर पर मौजूद श्रद्धालुओं को भी थोड़ी देर तक रोका गया। जब ठाकरे दर्शन के लिए चले गए, तब जाकर उन्हें दर्शन के लिए भेजा गया।
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