शीघ्र हो रामजन्मभूमि मामले का समाधान
अयोध्या। हिंदुओं की धार्मिक आस्था की परीक्षा कब तक होगी, अब शीघ्र ही रामजन्मभूमि मामले का समाधान हो जाना चाहिए।
यह बात कारसेवकपुरम में रविवार को आयोजित युवा संत चिंतन बैठक की अध्यक्षता करते हुये जगद्गुरू रामानुजाचार्य राघवाचार्य ने कहीं। उन्होंने कहा महापुरुषों द्वारा श्रीराम जन्मभूमि हेतु किया गया बलिदान विस्मृत नहीं किया जा सकता है। महामंडलेश्वर प्रेमशंकर दास ने कहा अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण संकल्प की पूर्ति के लिए एकजुटता आवश्यक है। महंत स्वामी कृष्णाचार्य ने कहा युवा संतों का मार्ग दर्शन लगातार वरिष्ठ संतों के द्वारा हितकर होगा ताकि वे अपने लक्ष्य की पूर्ति मे ंसफल हो सके।
विहिप नेता सुरेंद्र सिंह ने कहा श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को शीघ्र साकार रूप मिलने वाला है। हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा अदालत के निर्णय में विलंब भक्तों को उदेलित कर रहा है। बैठक का संचालन आचार्य मनोजशरण ने किया। बैठक में क्षेत्रधर्माचार्य संपर्क प्रमुख राधेश्याम मिश्र, महंत बागीश शरण, महंत मुनेश्वर दास, आचार्य आनंद शास्त्री, केशवदास, संत स्मृतिशरण आदि उपस्थित रहे।