प्रतिकूल फैसला आया तो जनता की अदालत में जाएंगे : दिनेश चंद्र
अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेशचंद्र ने बुधवार को मणिरामदास की छावनी में संतों की उपस्थिति में स्पष्ट किया कि विहिप अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करेगी। यदि प्रतिकूल निर्णय आता है तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। केंद्र सरकार से जनता की भावनाओं के आधार पर कानून बनाकर निर्णय लेने की अपील करेंगे।
दिनेश चंद्र ने कहा कि अयोध्या मामले में 23 मार्च से निरंतर सुनवाई होगी, ऐसी आशा है। हाईकोर्ट का जो निर्णय आया था वह हमारे पक्ष में है, लेकिन बंटवारा किसी ने नहीं मांगा था। साक्ष्यों के आधार पर निर्णय को लेकर हम आश्वस्त हैं। यदि निर्णय प्रतिकूल आता है तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। केंद्र सरकार से कानून बनाकर जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की अपील करेंगे। कहा कि विहिप पक्ष नहीं है, बल्कि राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने से लेकर मंदिर निर्माण हो जाने तक सहयोग की भूमिका में खड़ी होगी। श्रीश्री द्वारा की जा रही सुलह-समझौते की मुहिम पर बोले कि उनका यह प्रयास स्वयं का है, विहिप से कोई वार्ता नहीं हुई है। हां इतना जरूर है राममंदिर निर्माण में जो भी भूमिका निभाता है, वह किसी भी कौम का हो तो हम उसका स्वागत करते हैं। कहा कि रामजन्मभूमि न्यास एवं संतों के निर्देशन में राममंदिर मॉडल के अनुरूप ही जो पत्थर तराशे गए हैं, उन्हीं से राममंदिर का निर्माण होगा। कहा कि कुछ लोग अयोध्या में मंदिर और मस्जिद दोनों की बात कर रहे हैं लेकिन अयोध्या की सीमा में मस्जिद स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, महंत रामशरण दास, महंत कन्हैयादास रामायणी, त्रिलोकीनाथ पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।