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जल स्रोतों की गुणवता एवं उसमें पायी जाने वाली मछलियों का होगा अध्ययन

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जल स्रोतों की गुणवत्ता व मछलियों का होगा अध्ययन
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फैजाबाद। अवध विश्वविद्यालय के छात्र/छात्राएं अब विभिन्न प्रकार की मछलियों के जीवन चक्र आवास एवं विभिन्न मानवीय खतरों के बारे में वैज्ञानिक सहयोग से नई जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मंगलवार को अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित और राष्ट्रीय मत्स्य आनुवांशिकी संस्थान ब्यूरो के डॉ. कुलदीप के लाल के साथ एक और महत्वपूर्ण समझौता पत्र साइन किया गया।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि अब शोध कार्यों में विश्वविद्यालय को नई गति प्राप्त हो सकेगी। प्रो. दीक्षित ने कहा कि संस्थान की मदद से सरयू नदी एवं अन्य जल स्रोतों की गुणवत्ता एवं उसमें पायी जाने वाली विभिन्न प्रकार की मछलियों का अध्ययन सुलभ हो जाएगा तथा इनके संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जसवंत सिंह ने जानकारी दी कि आज के समझौता पत्र से दोनों संस्थान के वैज्ञानिक छात्र-छात्राओं को शोध एवं रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। प्रो. जसवंत सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी का दबाव, आपदा, जल संकट तथा जल दोहन के साथ अकुशन प्रबंधन प्रणाली मछलियों के जीवन को नष्ट करते हैं। जिसके निदान के लिए अब दोनों संस्थाएं मिलकर कार्य करेगी। उन्होंने भविष्य में विश्वविद्यालय के सहयोग से मास प्रजनन हेतु लुप्तप्राय मछलियों के संरक्षण कराने की बात कही। इस अवसर पर शोध संस्थान के वैज्ञानिक एवं अन्य भी उपस्थित रहे।
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