युवा शक्ति से मिली देश को आजादी
फैजाबाद। युवा शक्ति से ही देश को आजादी मिली है। हर हाल में दृृढ़ इच्छा शक्ति की चाहत हमें बनाए रखनी होगी, तभी हम जीवन के लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे। यह बातें बुधवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती समारोह पर युवा नेतृृत्व एवं विकास विषय पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी ने कही।
उन्होंने कहा कि, मानव होने के नाते हमें दो कदम आगे बढ़कर शत्रु की भी मदद करनी चाहिए। इस कारण स्वामी विवेकानंद का जीवन हमारे लिए सदैव ऊर्जा का स्रोत बना रहेगा। विवेकानंद का जीवन सदैव स्वाभिमान, समर्पण और सहयोग के लिए जाना गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गांधी पीस फाउंडेशन नई दिल्ली के डॉ. एसएन सुब्बाराव ने कहा कि, स्वामी विवेकानंद का प्रमुख उद्देश्य देश के चरित्र का निर्माण करना है और उसके लिए युवा पीढ़ी का समर्थन बहुत आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने युवाओं को क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेते हुए ‘एक नारा देश हमारा, प्यारा हिंदुस्तान, दुनिया में बेजोड़ अनोखा भारत वर्ष महान’ से उन्होंने युवाओं में ऊर्जा का संचार किया।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि, देश को आजादी के मूल उद्देश्य में युवा शक्ति ही है। इसी युवा शक्ति ने स्वामी विवेकानंद जैसे युवक को जन्म दिया। जिसने विश्व पटल पर भारत की क्षमता को सिद्ध कर दिया। स्वामीजी ने विश्व का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि 1893 के शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में उन्होंने समूचे विश्व को एकजुटता में पिरोने का जो संदेश दिया। वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर भारत को काश्मीर से कन्याकुमारी तक बताते हैं, लेकिन भारत तो अंडमान निकोबार तक है, जहां वास्तविक भारत की तस्वीर दिखाई पड़ती है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, डॉ. विनय कुमार मिश्र, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य नियंता प्रो. आरएन राय, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. एसके रायजादा, डॉ. एसएस मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र वर्मा, डॉ. अनिल यादव आदि मौजूद रहे।