चार की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर
अयोध्या। सावन मेला में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के दावों के बीच हाईवे पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बस्ती से 42 कांवरियों को एक ही पिकअप से रामनगरी लाया जा रहा था और पूरे रास्ते में उन्हें कहीं रोका तक नहीं गया।
नतीजा यह हुआ कि अयोध्या सीमा पर गोंडा जिले में फोरलेन हाईवे पर मंगलवार दोपहर यह ओवरलोड पिकअप अचानक पलट गई। इस हादसे में पिकअप सवार 39 कांवरिए घायल हो गए। इन सभी को अयोध्या के श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि चार की हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
बस्ती जिले के पिपरा गौतम गांव के 42 कांवरिये मंगलवार को एक ही पिकअप में सवार होकर अयोध्या में सरयू जल लेने जा रहे थे। इस दौरान दोपहर लगभग ढाई बजे अयोध्या-गोंडा सीमा पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस से श्रीराम अस्पताल पहुंचाया। जहां गंभीर रूप से घायल दिनेश पुत्र रामदेव (25), सोनू पुत्र रामदेव (24) और राकेश पुत्र जियालाल (22), अजय सोनकर (19) को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। इन्हें बाद में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
शेष घायलों का इलाज श्रीराम अस्पताल में चल रहा है। अन्य घायलों में रमेश पुत्र रामदेव, सूरज पुत्र गौतम, पूर्णमासी पुत्र मोहनलाल, अजय पुत्र नीबूलाल, राजेश पुत्र मनु सोनकर, घनश्याम पुत्र मुन्नीलाल, लक्ष्मी पुत्र धुप्पन, संतोष पुत्र फुर्तराम, अनिल पुत्र लालमणि आदि शामिल हैं।
घटना की सूचना पर एडीएम सिटी विन्ध्यवासिनी राय, एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया, आरएम अयोध्या अशोक कुमार, सीओ अयोध्या दयाशंकर सिंह सहित अन्य अधिकारी श्रीराम अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। एसपी सिटी अनिल सिंह ने बताया कि घायलों में तीन की हालत गंभीर है, उन्हें लखनऊ भेजा गया है।
श्री राम अस्पताल में इलाज कराने वाले घायलों की सूची
जोगिन्दर, सूरज, राजेश, दिनेश, पूर्णमासी, संजय, छोटू, घनश्याम, रवि सोनकर, रोशन, वकील, राजू, महेंद्र, दुर्गेश, राधेश्याम, अनिल, विष्णु, राधेरमण पांडेय, सूरज निवासी पिपरा गौतम। जबकि संतोष, लक्ष्मी, रंगा, धर्मेंद्र, राजेंद्र, उमेश, आदि पिपरा गौतम के पडाव्वा मजरा के निवासी हैं।
हाईवे पर दौड़ता रहा ओवरलोड वाहन, पुलिस ने रोका नहीं
गोंडा की सीमा पर ओवरलोड पिकअप पलटने से हुए हादसे ने एक बार फिर ओवरलोड वाहनों की अनदेखी का मामला सामने आया है। हादसे ने फैजाबाद-गोंडा व बस्ती पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।
प्रश्न ये उठता है कि आखिर एक पिकअप में 42 लोग कैसे सवार होकर इतनी लंबी दूरी तय कर सख्त सुरक्षा व्यवस्था में कैसे जा रहे थे। गनीमत रही हादसे के वक्त कि पीछे से कोई वाहन नहीं भिड़ा, वरना कई लोगों की जानें जातीं।
मंगलवार को बस्ती जिले के पिपरा गौतम गांव के ही 42 कांवरिया पिकअप वाहन रिजर्व कराकर अयोध्या में सरयू जल लेने जा रहे थे। कांवरियों की सुरक्षा के लिए बस्ती-गोंडा सीमा पर पुलिस पिकेट तैनात है, ऐसे में इन्हें ओवरलोड आवागमन की इजाजत मुख्य मार्ग से कैसे दी गई।
इन्हें किसी पुलिसकर्मी ने देखा नहीं या रोका नहीं। वास्तव में अभी तो ये कांवरियों के रेले की शुरूआत है और आने वाले तीन दिनों में कई गुना ज्यादा कांवरिए अयोध्या अपने छोटे बड़े वाहनों से आएंगे, ऐसे प्रशासन सचेत नहीं हुआ तो बड़ी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
घायल रमेश का कहना था कि पहले कम लोगों को जाना था, मगर गांव के तमाम लोग चढ़ते गए, जिससे भीड़ हो गई। सूरज का कहना था कि अचानक वाहन लहराया और सरयू पुल से पहले सड़क किनारे पलट गया। पूर्णमासी का कहना था कि ज्यादा भीड़ से गाड़ी गांव से निकलते समय भी हिल-डुल रही थी।
मची रही अफरातफरी, नहीं दिखा गोंडा पुलिस
घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मची रही। घटना स्थल गोंडा जिले के नबाबगंज थाना क्षेत्र में था, फिर भी वहां की पुलिस नदारद दिखी। सूचना पर फैजाबाद से एंबुलेंस समेत पुलिस टीम और अफसर मौके की ओर भागे। सभी अधिकारी श्रीराम अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। देर शाम तक गोंडा पुलिस अस्पताल में झांकने तक नहीं पहुंची थी।