जुलाई माह भी बीता, नहीं मिली किताबें और जूते
बोले बच्चे, पुरानी किताब से पढ़ा रहे गुरुजी
पूराबाजार के प्राथमिक विद्यालय अंकवारा में कुल 130 बच्चे पंजीकृत हैं। जिनमें से 78 बुधवार को उपस्थित रहे। यहां बच्चे ड्रेस पा चुके हैं, लेकिन पुस्तक नहीं मिली है। कक्षा 5 के सुधांशु, दीपक, कक्षा 4 के विष्णु, कक्षा 3 के चंदन ने बताया कि गुरुजी पुरानी पुस्तक से पढ़ा रहे हैं। कक्षा एक के 15 छात्र बिना किताब के पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक अनिल सिंह ने बताया कि कुछ किताबें आने की सूचना मिली है।
पुस्तकों का किया जा रहा इंतजार
प्राथमिक विद्यालय सरायचैमल में 64 बच्चे पंजीकृत हैं। जिनमें से 42 बच्चे बुधवार को उपस्थित मिले। यहां भी बच्चे ड्रेस पा चुके हैं, लेकिन बिना किताब के पढ़ने को विवश हैं। अभी तक कक्षा 5 का कलरव, कक्षा 4 का प्रवेश गिनतारा, कक्षा 3 का गिनतारा, कक्षा 2 का गिनतारा मिला है। अन्य पुस्तकों का इंतजार किया जा रहा है।
ड्रेस बंट गई, किताबें नहीं
प्राथमिक विद्यालय शांतिपुर में कुल 52 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें से 32 मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक संग्राम ने बताया कि ड्रेस बंट चुकी है। किताब नहीं मिली है। पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है। यहां तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है, करीब दो सौ मीटर की दूरी में बच्चों को कीचड़ से होकर विद्यालय तक पहुंचना होता है।
फैजाबाद। परिषदीय स्कूलों के सत्र का शुभारंभ हुए तीन माह बीत चुके हैं। ग्रीष्मावकाश के बाद जुलाई महीने का समय भी पार हो गया, लेकिन अभी तक इन स्कूलों में बच्चे बिना किताब व जूता के पढ़ रहे हैं। कमोवेश ड्रेस का वितरण तो हो चुका है, लेकिन किताबें न होने से विभाग के तैयारियों के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अभी तक जिले में महज 25 प्रतिशत किताबों के वितरण का दावा किया जा रहा है। जबकि प्रत्येक दशा में कॉपी-किताब, ड्रेस व बैग आदि का वितरण 15 जुलाई तक होना था। परिषदीय स्कूलों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। इसका मुख्य कारण सिस्टम की तमाम नाकामियां हैं। अप्रैल माह से नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ है। कॉन्वेंट स्कूलों से तुलना करके बच्चों को परिषदीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा दिलाने के तमाम दावे तो किए गए, लेकिन सब परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
अब तक बंटी है सिर्फ 25 प्रतिशत किताबें
जिले में कुल 1529 प्राथमिक व 568 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। यहां पढ़ने वाले करीब एक लाख 82 हजार छात्र-छात्राओं के लिए कुल 11 लाख 62 हजार 425 किताबों की आवश्यकता थी। जिसके सापेक्ष अब तक चार लाख 11 हजार 127 किताबें प्राप्त हुई हैं। जिनमें से सिर्फ 2.91 लाख किताबें ही बांटी गई हैं। ऐसे में तीन-चार बच्चे एक ही किताब से पढ़ाई कर रहे हैं। तमाम जगह ये भी किताबें अभी तक नहीं बंटी हैं। शेष किताबों की खेप कब तक जिले में पहुंचेगी इसकी स्पष्ट जानकारी अभी विभाग को भी नहीं है। जिला समन्वयक राजेश चौधरी ने बताया कि जो किताबें आई थीं, वितरित हो चुकी हैं। शेष भी शीघ्र वितरित हो जाएंगी। वहीं करीब 75 हजार स्कूल बैग वितरित वितरित किए जा चुके हैं।
2.18 लाख बच्चों को दी गई ड्रेस
जिले के परिषदीय, सहायता प्राप्त व माध्यमिक के कुल दो लाख 19 हजार आठ सौ छात्र-छात्राओं को ड्रेस वितरित करनी थी। जिसके सापेक्ष अब तक करीब 2.18 लाख बच्चों को ड्रेस वितरित करने का दावा किया जा रहा है। जिला समन्वयक सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि परिषदीय स्कूलों के करीब 1.80 लाख व शेष सहायता प्राप्त व माध्यमिक शिक्षा के बच्चों को ड्रेस वितरित की जा चुकी है।
तीन अगस्त तक मिलना था जूते-मोजे
25 जून को एक लाख 89 हजार 396 बच्चों को जूता-मोजा उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से खरीदारी का आर्डर दिया गया था। योजना के तहत बच्चों को दो जोड़ी मोजे व एक जोड़ी जूता दिया जाना था। कंपनी द्वारा प्रति पीस मोजा की कीमत 39.20 रुपये व जूता की कीमत 115.54 रुपये निर्धारित की गई है व आपूर्ति की अंतिम तिथि तीन अगस्त तय किया गया था। लेकिन निर्धारित समयसीमा बीतने को है और जूता-मोजा का कहीं पता नहीं है।
अधिकांश बच्चों को ड्रेस वितरित की जा चुकी है। किताबें शासन से अपेक्षाकृत कम प्राप्त हुई थीं। जितनी मिली थीं बांट दी गईं हैं। शेष किताबों के लिए पत्राचार किया जा रहा है। शीघ्र ही किताबें वितरित की जाएंगी।- अमिता सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फैजाबाद