हड़ताल से 100 करोड़ का लेन-देन प्रभावित
फैजाबाद। जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में अधिकारी व कर्मियों ने बुधवार से हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान सरकार की ओर से दो फीसदी वेतन बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जुलूस निकालकर प्रदर्शन व सभाएं की। पहले दिन बैंकों में काम-काज ठप रहने से 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। समर्थन में कुछ प्राइवेट बैंकों ने भी अपनी शाखाएं बंद कीं। हालांकि बड़ौदा ग्रामीण बैंक समेत सोसाइटी के बैंक खुले रहे। अभी यह हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के घोषित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार सुबह बैंककर्मी झंडे बैनर, पोस्टर के साथ स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर पहुंच गए। यहां से एक जुलूस की शक्ल में कर्मचारी केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाइंस शाखा पहुंचे। यहां की गई सभा को संबोधित करते हुए संगठन के मंत्री सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि हड़ताल से पहले दिन 100 करोड़ का लेन-देन नहीं हो सका। आईबीए का दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव हास्यास्पद है। अध्यक्ष बीके सिंह ने आरोप लगाया है कि बैंक कर्मियों से काम निकालने के लिए व सरकारी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री ने मंच से तारीफ की परंतु आईबीए ने बैंक कर्मियों को अंगूठा दिखाने का काम किया है। संगठन के लोगों ने मांग की है कि वेतन पुनरीक्षण में स्केल सात के अधिकारियों को शामिल किया जाए। साथ ही घोषणा की है कि यदि सरकार आईबीए बैंक कर्मियों के वेतन बढ़ोत्तरी में जल्द निर्णय नहीं लेती है तो बैंक कर्मी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से डीसी टंडन, रामरूप तिवारी, के के रस्तोगी, अवधेश श्रीवास्तव, जेपी गुप्ता, प्रवीन सिन्हा आदि शामिल रहे।
दुकानदार, किसान व छात्र समेत सभी वर्ग के लोग हुए परेशान
जिले में बैंककर्मियों की हड़ताल का असर आम लोगों पर दिखाई दिया। दुकानदार, किसान, छात्र सहित सभी वर्ग के लोग परेशान दिखाई दिए। देवकाली के अरविंद मिश्रा बताते हैं कि बैंक की हड़ताल से उनका कामकाज प्रभावित हुआ है। आवश्यक कार्य के लिए उनको कई बार एटीएम का चक्कर लगाने पड़ा है। नाका निवासी मनीषा सिंह ने कहा कि घर के आवश्यक कार्यों के लिए बैंक से पैसा निकालने आई हैं लेकिन बैंक के बंद होने के कारण पैसा नहीं निकल सका है। कई एटीएम में चक्कर लगाने के बाद उनको पैसा नहीं मिल सका है। बल्लास्त्रत्त्हाता निवासी पृथ्वी यादव बताते हैं कि बैंकों की हड़ताल के चलते घरेलू कामकाज भी प्रभावित हुए हैं। रेलवे कॉलोनी निवासी अनिल कुमार मिश्रा बताते हैं कि परिवार को लोगों को बाहर भेजना था लेकिन बैंकों में ताले लटक जाने के कारण परिवार नहीं जा सका है।