लाल निशान से चार सेंटीमीटर की दूरी पर स्थिर है जलस्तर
अयोध्या। उफनाई सरयू का जलस्तर गुरुवार को पिछले 24 घंटे से स्थिर रहा। बैराजों से पानी छोड़ने में आई कमी से लाल निशान से चार सेंमी. नीचे उफान तो थम गया, मगर कटान जारी है। इससे रुदौली और सदर तहसील के कक्षारीय इलाकों में सैकड़ों बीघे खेती की भूमि व दर्जनभर मकानों के कटने का खतरा बढ़ गया है।
लोगों को भय है कि पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश तेज हुई तो सरयू लाल निशान पार कर तबाही मचा सकती है। इसके चलते तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है, लोग पलायन कर रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अभियंता विनय कुशवाहा के मुताबिक, गुरुवार को भी जलस्तर स्थिर रहा। बुधवार शाम चार बजे तक सरयू का जलस्तर 92.69 मीटर रिकॉर्ड किया गया था, जबकि खतरे का निशान 92.73 मीटर है।
गिरजा बैराज, शारदा बैराज और बनबसा बैराज से पानी छोड़ने की मात्रा में कमी से इसी बिंदु पर नदी स्थिर है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में कोई वृद्धि या कमी नहीं हुई है। उधर, रुदौली तहसील के महंगू का पुरवा में कई मकान फिर से कटान की जद में आ गए हैं।
जबकि माझा पूरी तरह से पानी से घिरा है, यहां मकान व आबादी की भूमि कट रही है। लोग पलायन कर रहे हैं। नाव न उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। शहर से सटे निर्मली कुंड के आसपास भी खेती की जमीनें कटने लगीं हैं। पानी तेजी से बढ़ रहा है।
सदर तहसील के पूरा बाजार के तटवर्ती इलाकों में भी लोगों में जलस्तर बढ़ने से चिंता सताने लगी है। सरयू के कटान के मुहाने पर खड़ी विकासखंड मया की तीन ग्राम सभाएं उनियार, भैरीपुर व शेरवाघाट का मजरा हुसैनपुर में भी खेती की भूमि कट रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि बैराजों से पानी छोड़ने की मात्रा कम हो गई है, इसके कारण जलस्तर स्थिर है। गुरुवार को जलस्तर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद थी, लेकिन अभी भी नदी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।