सरयू के उफान में तेजी, मचा हड़कंप
फैजाबाद। मैदानी इलाकों समेत पहाड़ों पर हुई भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी से सरयू/घाघरा नदी विकराल होती जा रही है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चौबीस घंटे में जलस्तर 53 सेमी. बढ़ा है, सुबह से बढ़ोतरी की रफ्तार प्रतिघंटे तीन सेमी. होने से हड़कंप मचा हुआ है। कछार वाले क्षेत्रों में कटान तेज होने से खतरा बढ़ा है।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार को जलस्तर की रफ्तार में तीन गुना तेजी आई है। दो दिन तक प्रतिघंटे एक सेमी. से बढ़ रहा जलस्तर सुबह से तीन सेमी. की रफ्तार पकड़ लिया है। बुधवार शाम छह बजे तक जलस्तर 91.25 मीटर पहुंच गया है, जबकि मंगलवार को यह 90.72 मीटर था।
हालांकि का चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर और खतरा बिंदु 92.73 मीटर है। इसकी वजह पहाड़ों पर भारी बारिश से नेपाल से छोड़ा गया 95 हजार 457 क्यूसेक पानी और दो दिन में मैदानी इलाकों में हुई 78 मिमी. बारिश है।
बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव का कहना है कि अवर अभियंताओं को बंधे की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। तटवर्ती इलाकों में खेतों की कटान का खतरा तेज हुआ है। लेकिन बांध अभी काफी दूर है।
सामान समेट बंधे पर शरण लेने में जुटे ग्रामीण
शुजागंज/पूराबाजार। मंहगूपुरवा व आसपास के ग्रामीण जरूरी व घरेलू सामानों को समेटकर ऊंचे स्थलों पर शरण ले रहे हैं। इसी तरह अयोध्या-बिल्वहरि घाट बंधे के अति संवेदनशील होने से यहां के सराय राशी और राय हलवारा गांवों के लोगों की धुकधुकी बढ़ी है।
ग्रामीण लक्ष्मी देवी, अनिल यादव व जमुना सिंह का कहना है कि एक तरफ नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही हैं, वहीं इन्द्रदेव की कृपा भी बरस रही है। आखिर वे जाये तो कहां, बस बंधा ही एक ऊंचे स्थल का सहारा बना हुआ है।
कटान से गहराया आश्रम पर खतरा, किया निरीक्षण
अयोध्या। सरयू का रौद्र रूप तटीय इलाके में रहने वाले लोगोें के लिए समस्या का सबब बन गया है। सरयू का जलस्तर तीव्र गति से बढ़ रहा है। इससे सरयू के तटीय इलाकों में रह रहे लोग परेशान हैं। प्रशासनिक लापरवाही को भी इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।
अयोध्या के रामघाट इलाके में सरयू से सटे नेपाली बाबा के आश्रम नारायण धाम सीतारामनाम आश्रम का अस्तित्व भी सरयू की कटान के चलते खतरे में हैं। इस बीच बुधवार को पुलिस प्रशासन सीतारामनाम आश्रम पहुंचा और कटान की स्थिति जानी।
डीएम के निर्देश पर सीओ अयोध्या व कोतवाली प्रभारी अरविन्द पाण्डेय, नयाघाट प्रभारी श्रीनिवास पांडेय आश्रम पहुंचे और संतों को मनाने के जतन किये। लेकिन संत अडिग हैं। निर्वाणी अनी के महंत धर्मदास ने कहा कि नेपाली बाबा व आश्रम में रह रहे संत किसी भी हाल में आश्रम से पलायन नहीं करेंगे।
प्रशासन कटान रोकने का उपाय करे, नहीं तो संत जलसमाधि लेने को तैयार हैं। इसकी जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी। वहीं सीओ दयाशंकर सिंह ने बताया कि सीताराम नाम आश्रम का निरीक्षण किया गया है। सरयू की कटान तेज हो गयी है आश्रम को खतरा है। बचाव के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।