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चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर इस्तगासा

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अयोध्या। तारुन थाने के सराय शेख महमूद निवासी युवक को बिना किसी अपराध के तीन दिन तक थाने में रखकर उसकी पिटाई करने और तीस हजार वसूलने के बाद युवक को थाने से छोड़ने के मामले में बीकापुर कोतवाली के चौकी चौरे बाजार प्रभारी अंजेश सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ इस्तगासा दायर हुआ है।
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इसे कोर्ट ने परिवाद के रूप में दर्ज करके परिवादी के बयान के लिए अगली पेशी 24 मई नियत की है। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार तिवारी की अदालत से हुआ है।


अधिवक्ता आरपी पाठक ने बताया कि तारुन थाने के सराय शेख महमूद निवासी राज किशोर उपाध्याय ने कोर्ट में दाखिल किए गए इस्तगासा में कहा है कि घटना 3 अप्रैल की तारीख की है।
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उनका लड़का संजीव कुमार उपाध्याय घर पर था। 3 अप्रैल को 2:30 बजे चौरे बाजार चौकी प्रभारी अंजेश सिंह एक सिपाही के साथ उनके दरवाजे पर आए और उसके लड़के संजीव कुमार को पूछताछ के बहाने थाने ले गए।


आरोप है कि उसे ले जाकर कोतवाली बीकापुर के लॉकअप में बंद कर दिया। रात लगभग 9:00 बजे उसे सिपाही अनुज सिंह, दरोगा अंजेश सिंह, सिपाही दुर्गेश कुमार तिवारी, प्रमोद यादव ने मारापीटा।


राजकिशोर जब अपने लड़के को देखने गए तो पुलिस का यह कृत्य देख भागने को मजबूर हुए। 5 अप्रैल को सिपाही अनुज सिंह ने अपने मोबाइल के जरिए राजकिशोर को थाने बुलाया और 50 हजार की मांग की।


रुपये न देने पर जबरदस्ती जुर्म कबूल करवा कर उसका वीडियो बना लेने व मुकदमे में फंसा कर जिंदगी बर्बाद कर देने की धमकी दी।


राजकिशोर में 6 अप्रैल को 30 हजार सोनौरागाऊ पुल निवासी रामकुमार तिवारी के सामने सिपाही दुर्गेश तिवारी को दिया, तब पुलिसकर्मियों ने संजीव को रात 7:30 बजे छोड़ा।


उसका 5610 रुपये, आधार कार्ड, 3 एटीएम व बाइक थाने में रख ली। इसकी शिकायत 6 अप्रैल को एसएससी, मुख्यमंत्री व राज्यपाल से की गई लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। तब न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।


आरोप फर्जी, सीओ कर चुके हैं जांच
चौरेबाजार चौकी प्रभारी अंजेश सिंह का कहना है कि इस्तगासा में लगाया गया आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत व फर्जी है। गुजरात में हीरा कारोबारी के शोरूम से हुई डेढ़ करोड़ की लूट में विपिन उपाध्याय की तलाश की जा रही थी, पता चला कि संजीव कुमार का दोस्त है।

संजीव को कोतवाली लाया गया था, उसने पकड़वाने की बात कही, गुजरात पुलिस के आने पर एक अन्य आरोपी पकड़ा गया, मगर विपिन उपाध्याय अभी भी फरार है। संजीव के पिता के आरोपों की एसएसपी के आदेश पर सीओ ने जांच की है।
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