आज से एसएमएस व मोबाइल से लगेगी हाजिरी
अयोध्या। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई मोबाइल कॉल व एसएमएस प्रणाली का मार्च से विस्तार किया जाएगा।
इस मुहिम से अछूते छह और विकास खंडों में एक मार्च से एसएमएस व मोबाइल कॉल के जरिये गुरूजी की हाजिरी दर्ज कराई जाएगी। इस प्रणाली के जरिये बेसिक शिक्षा विभाग स्कूल न जाने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसेगा।
हालांकि इस प्रणाली के खिलाफ कई दिन तक शिक्षक आंदोलन भी छेड़े हुए थे। जिले में कुल 1529 प्राथमिक विद्यालय व 566 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। यहां मौजूदा समय में 1,90,988 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
इन स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, समय से ड्रेस, कॉपी-किताब वितरण सहित अन्य तमाम मूलभूत सुविधाओं का रोना हर समय रहता है, ऊपर से शिक्षकों की लापरवाही भी इन पर भारी पड़ती है।
अध्यापकों के समय से न पहुंचने की वजह से नौनिहालों के भविष्य पर दोहरा संकट मंडराता रहता है। समय से स्कूल न पहुंचने वाले अध्यापकों पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल की है।
तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार व सीडीओ अभिषेक आनंद द्वारा परिषदीय स्कूलों में अध्यापकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए दो माह पूर्व एसएमएस व मोबाइल कॉल प्रणाली का शुभारंभ किया गया था।
प्रथम चरण में दो-दो ब्लॉक करके इसे छह शिक्षा क्षेत्रों क्रमश: मसौधा, सोहावल, मया बाजार, तारुन, अमानीगंज, हैरिंग्टनगंज में लागू किया गया था। शुरुआती दौर में इससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
प्रत्येक ब्लॉक से 5-10 अध्यापक तक अनुपस्थित मिलने लगे। बीएसए ने 35 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा और 48 शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई पर शिक्षक नेताओं में उबाल आ गया।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक नेताओं ने जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में सड़क पर उतरे, विरोध प्रदर्शन कर इस प्रणाली को उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताते हुए इसे बंद कराने की मांग की। फिर भी जिला प्रशासन का रुख नरम नहीं हुआ।
अब इसे पूरे जिले में संचालित कराने की तैयारी की गई है। मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी के मध्य वार्ता के बाद अब शिक्षक संघ भी इसमें सहयोग करने पर राजी हो गया।
जिला समन्वयक सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि दूसरे चरण में एसएमएस प्रणाली से वंचित रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर, पूरा बाजार, मवई व नगर क्षेत्र में यह प्रणाली लांच की जाएगी।
जिसके लिए सभी शिक्षा क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बीएसए कार्यालय पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसमें दस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
सभी ब्लॉकों से सीयूजी नंबर पर एसएमएस मंगाया जाता है और कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी स्कूलों में फोन करके सभी स्टाफ से बात करके उनके उपस्थिति की पुष्टि भी करते हैं।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक संघ की मुख्य विकास अधिकारी व तत्कालीन जिलाधिकारी के मध्य वार्ता हुई थी। सीडीओ के आश्वासन के बाद इस कार्य में सहयोग करने का निर्णय लिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए यह पहल की गई है, जो काफी कारगर साबित हो रही है।
एक मार्च से इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा, जिसकी तैयारी पूर्ण हो चुकी है। सभी ब्लॉकों में कार्यशाला का आयोजन कर प्रशिक्षित किया जा चुका है।