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देश से घुसपैठियों को बाहर निकालने का अनुकूल वातावरण

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भारत से घुसपैठियों को निकालने का अनुकूल समय : नृत्यगोपालदास
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अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद सहित संत-धर्माचार्यों ने असम राज्य के नागरिकों के सत्यापन पर संसद में जारी गतिरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मांग की कि प्रदेश समेत देश के सभी प्रांतों में नागरिक सत्यापन कराया जाए। श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा भारत के हर राज्य के नागरिकों का वर्तमान समय में अब सत्यापन आवश्यक हो गया है। कहा कि भारत से घुसपैठियों को बाहर निकालने का यही अनुकूल समय है।
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केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्य महंत सिया किशोरी शरण ने कहा कि भारत में घुसपैठ बड़ी समस्या है। कहा, मेरा मानना है कि वाममोर्चा के सत्ता में आने के समय से ही घुसपैठियों को वोटर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य और अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि विभिन्न संस्थाओं एवं मीडिया के मोटे अनुमान के मुताबिक भारत में दो से तीन करोड़ घुसपैठिए बस गए हैं और बंगाल सहित असम के एक बड़े हिस्से पर इनका कब्जा है। इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकालना आवश्यक है। विहिप सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि घुसपैठिए पूर्व में बिहार और पश्चिम बंगाल के हिस्सों को मिलाकर मुस्लिम बंगभूमि की मांग करते रहे हैं और आज कश्मीर से लेकर पश्चिम बंगाल तक ग्रीन लैंड बनाने का सुनियोजित साजिश जारी है। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा आज लोकसभा और राज्य सभा में कांग्रेस व ममता बनर्जी समेत अनेक दल नागरिक सत्यापन पर हो हल्ला मचाकर अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। जबकि 14 जुलाई 2002 को संसद में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि भारत में दो करोड़ 20 लाख 53 हजार 950 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। कहा कि अवैध घुसपैठिए इस देश की सुरक्षा को तार-तार कर भारतीय समाज के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कब्जा कर रहे हैं। जिनको रोकना सरकारों सहित हर भारतीयों की जिम्मेदारी है।
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