अयोध्या। 84 कोसी परिक्रमा पूरी कर वापस अयोध्या पहुंचे साधु संतों ने शनिवार की सुबह परंपरागत रूप से रामकोट की परिक्रमा की।
परिक्रमा से पूर्व साधु-संतों के जत्थे ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और पूजन अर्चन करने के बाद रामकोट की परिक्रमा की शुरुआत की। परिक्रमा पूरी होने के बाद सभी संत सीताकुंड पहुंचे, जहां हवन पूजन भी किया।
विहिप के हनुमान मंडल के संयोजन में विगत 20 अप्रैल से बस्ती के मखौड़ा से शुरू हुई परिक्रमा 21 दिन बाद पांच जिलों की यात्रा करते हुए 84 कोसी की दूरी तय करते हुए शुक्रवार की देर शाम अयोध्या पहुंची थी।
जहां विहिप के मुख्यालय कारसेवकपुरम में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह होते ही संतों का यह जत्था रामधुन करते हुए श्रीराम की जन्मभूमि स्थल रामकोट की परिक्रमा किया।
इसके बाद सभी संत अयोध्या के प्रसिद्ध सीता कुंड पर पहुंचे। 84 कोसी परिक्रमा के समापन को लेकर भगवान की कीर्तन भजन के साथ हवन पूजन भी किया और ब्राह्मणों के भंडारा के साथ परिक्रमा की समाप्ति की।
इस 84 कोसी परिक्रमा यात्रा में दूरदराज से आए भक्तों ने भी हिस्सा लिया और इस यात्रा की समाप्ति पर अयोध्या के प्रमुख मंदिर हनुमानगढ़ी, कनक भवन एवं राम जन्मभूमि का दर्शन कर अपने घर की ओर रवाना हुए।