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जिला व महिला अस्पताल में दलाल सक्रिय 19-11-05

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अस्पताल में दलालों ने आशा बहू से की मारपीट, हंगामा
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अयोध्या। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल समेत जिले की अधिकांश स्वास्थ्य इकाइयां इन दिनों दलालों के चंगुल में हैं। दूर-दराज से इलाज के लिए यहां पहुंचने वाले मरीज दलालों द्वारा रोजाना ठगे जा रहे हैं।

एक प्रसूता को लेकर जिला महिला अस्पताल आई आशा बहू उसके झांसे में नहीं आई तो दलाल ने अभद्रता और विरोध करने पर मारपीट भी की। सूचना पर पुलिस भी पहुंची, हंगामा भी हुआ, लेकिन बाद में मामला रफादफा कर दिया गया।
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मिली जानकारी के अनुसार बीकापुर से एक प्रसूता को लेकर रविवार को दूसरी पहर जिला महिला अस्पताल आई आशा बहू विजयलक्ष्मी के साथ भी अस्पताल के एक दलाल ने अपने बेटे व परिवारीजनों के साथ अभद्रता व विरोध करने पर मारपीट की।

इसी बीच 100 डायल को सूचना दी गई। 100 डायल मौके पर पहुंची तो मौके पर मामला रफा-दफा किया जा चुका था। आशा बहू भी यह कहते हुए चली गई कि वह सीएमओ व पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराएगी।

मालूम हो कि ऐसे मामले आए दिन यहां देखने को मिल जाते हैं। जिले की प्रमुख स्वास्थ्य इकाई जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता काफी बढ़ गई है।

ओपीडी कक्ष से लेकर, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड कक्ष, ओटी व वार्डों सहित पूरे अस्पताल परिसर में दिन भर दलाल देखे जा सकते हैं। मंडल पर स्थित होने के नाते जिला अस्पताल में बस्ती, गोंडा, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर के गरीब, मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं।

मरीजों की भीड़ होने पर सहूलियत पाने की लालसा में दलालों के जाल में फंस जाते हैं। यहां तक कि ओपीडी में बैठने वाले अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास एक सहायक के रूप में बाहरी व अनाधिकृत व्यक्ति मौजूद रहता है।

जो सुबह से मरीजों से पर्चियां बटोरता देखा जा सकता है। जब डॉक्टर दवाइयां लिखते हैं तो मरीजों को दो पर्चे दिए जाते हैं। एक तो अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों का, दूसरा अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से मिलने वाली दवाओं का।

यह पर्चा देखते ही चिकित्सक के सहायक द्वारा तुरंत मरीजों को अपनी सेटिंग के मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाया जाता है और स्टोर संचालकों से अतिरिक्त कमीशन प्राप्त किया जाता है।

इसी तरह पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड कक्ष व ओटी जैसी महत्वपूर्ण स्थलों पर भी इनकी सेटिंग रहती है और मरीजों की जेबें सहूलियत के नाम पर ढीली की जाती है। साथ ही ये दलाल इलाज में कमियां बताकर गंभीर मरीजों को निजी नर्सिंग होम की शरण तक पहुंचाते हैं।

नर्सिंग होम संचालकों से मोटी रकम लेकर चलता बनते हैं। ऐसा ही हाल महिला अस्पताल का भी है। यहां साइकिल स्टैंड, ओपीडी, पैथॉलोजी से लेकर लेबर रूम तक कई महिला दलाल हर क्षण बैठी हुई नजर आती हैं।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार इनकी संख्या करीब एक दर्जन बताई जाती है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को नहीं है। इन पर एकाध बार शिकायत होने पर कार्रवाई भी हो चुकी है।

लेकिन इन्हें सफेदपोशों व रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त होने से अस्पताल प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया। यह महिला दलाल अस्पताल परिसर में हमेशा मंडराती रहती हैं।

मौका मिलते ही अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं को बहला-फुसला कर महिला डॉक्टरों के निजी क्लिनिक में पहुंचा आती हैं। लेकिन अब तक इन दलालों पर अंकुश लगाने की दिशा में कोई कारगर उपाय नहीं किये गए हैं।

जिला महिला अस्पताल, अयोध्या के सीएमएस डॉ. श्रीकांत शुक्ला का कहना है कि स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारियों से दलालों पर कार्रवाई के लिए लिखा-पढ़ी की गई है।

इन दलालों को कुछ रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त है। इनकी संलिप्तता से ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। आशा बहू के साथ हुई मारपीट का मामला तो सुना है, लेकिन अभी किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ अयोध्या डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। शीघ्र ही पुलिस की मदद से एक टीम गठित करके छापेमारी की जाएगी। यदि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति अस्पताल परिसर में मिला तो कार्रवाई होगी।
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