विवि के शिक्षकोें की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में बोले कुलपति
फैजाबाद। आंग्ल भाषा का पिछलग्गू बनने से अच्छा है हम अपनी मातृभाषा हिंदी पर गर्व करें और उसे अमल में लाएं। तकनीक व विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देश जापान, फ्रांस, जर्मनी, चाइना, उत्तर कोरिया अपनी भाषा में उन्नत कर रहे हैं।
वहां पर आंग्लभाषा का इस्तेमाल दूसरी भाषाओं के जानने वालों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए ही होता है।। यह बातें डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कही। कहा कि आज हमें अकैडमिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है।
विश्वविद्यालय के लाइफ साइंस शिक्षकों व दसवीं पंचवर्षीय योजना में समायोजित किए गए शिक्षकों ने अभिनंदन समारोह पर्यावरण विभाग में किया। जिसमें प्रो. दीक्षित को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारतीय मेधा की जरूरत महसूस की जा रही है।
दुनिया के तमाम देश अपनी भाषाओं का अध्ययन कराने के लिए भारतीय छात्रों के लिए काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में जल्द ही फ्रेंच आदि भाषाओं में पढ़ाई शुरू की जाएगी। संचालन पर्यावरण विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर जसवंत सिंह ने किया।
स्वागत करने वालों में प्रोफेसर राज कुमार, प्रोफेसर राजीव गौड़ विश्वविद्यालय कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह, डॉक्टर संग्राम सिंह, डॉक्टर राणा रोहित सिंह आदि मौजूद रहे।