घने कोहरे में भक्तों ने लगाई सरयू में डुबकी, मंदिरों में दर्शन-पूजन को कतारें
अयोध्या। मौनी अमावस्या पर्व पर रामनगरी में सरयू तट पर आस्था का संगम दिखा। ठंड व घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में विभिन्न प्रांतों से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और दान-पुण्य किया।
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान-दान, दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर जारी रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भारी भीड़ से रामनगरी में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह प्रतिबंध प्रयागराज से मंगलवार को उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर लागू रहेगा। कुंभ स्नान करने के बाद गुजरात, महाराष्ट्र, नासिक सहित आस-पास के जिलों के भक्तों का अयोध्या पहुंचने का क्रम जारी है।
प्रयागराज श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने 8 स्पेशल ट्रेनें भी चला रखी है। मौनी अमावस्या को भीषण ठंड पर आस्था भारी पड़ी। सरयू स्नान के बाद भक्तों का समूह नागेश्वरनाथ मंदिर की ओर जलाभिषेक एवं पूजन के लिए उन्मुख हो चला।
यहां उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कनकभवन, हनुमानगढ़ी, रामलला व क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं का रेला नजर आया। हनुमंतलला के दरबार में माथा टेकने के लिएं लंबी कतार लगी रही।
कतार में लगे श्रद्धालु आराध्य के दर्शन के लिए व्यग्र नजर आए, बारी होते ही अपनी श्रद्धा निवेदित की और मनौतियां मांगी। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
स्नानघाटों समेत सभी प्रमुख मंदिरों के आसपास मजिस्ट्रेटों सहित भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अयोध्या में श्रीराम अस्पताल से नयाघाट तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मौनी अमावस्या एवं सोमवारी अमावस्या का दुर्लभ संयोग होने के कारण भी पूजन-अर्चन के लिए मंदिरों में तांता लगा रहा। शास्त्रों में मौनी अमावस्या पर मौन रहकर पूजा-पाठ और व्रत करने का विधान है।
मान्यता है कि इस दान स्नान-दान एवं व्रत रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों को शांति मिलती है। इसी मान्यता के चलते रामनगरी में दिन भर स्नान-दान, पूजन-अर्चन का सिलसिला जारी रहा।