योगी सरकार ने बढ़ाया अनवरत रामलीला का बजट
अयोध्या। अयोध्या शोध संस्थान में वर्ष 2004 से संचालित अनवरत रामलीला का बजट योगी सरकार ने बढ़ा दिया है। 14 वर्षों से तुलसी स्मारक भवन में अनवरत संचालित रामलीला को भव्यता प्रदान करने के उद्देश्य से सालाना बजट में 10 लाख की वृद्धि की गई हैं।
अयोध्या शोध संस्थान की ओर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर रामलीला का बजट बढ़ाने की मांग की गई थी, जिस पर योगी सरकार ने यह निर्णय लिया है।
अयोध्या शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने बताया कि संस्कृति विभाग के तत्वाधान में अयोध्या शोध संस्थान द्वारा वर्ष 2004 से अनवरत रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
वर्ष 2005 में यूनेस्को द्वारा अयोध्या की रामलीला को हेरिटेज धरोहर भी घोषित किया जा चुका है। अयोध्या की पारंपरिक रामलीला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जब अनवरत रामलीला शुरू हुई तो इसका सालाना बजट 38 लाख निर्धारित किया गया था।
वर्तमान में रामलीला के लिए 40 लाख का बजट निर्धारित है। वर्ष 2014-15 में तत्कालीन जिलाधिकारी विपिन द्विवेदी द्वारा अयोध्या की लीला को भव्यता प्रदान करने हेतु रामलीला का बजट बढ़ाकर 75 लाख करने हेतु कई बार पत्र लिखा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
अब योगी सरकार में रामलीला के बजट में 10 लाख की बढ़ोत्तरी की गई है। इससे अब सालाना 50 लाख रुपये मिलेंगे। कहा कि अनवरत रामलीला के मंचन पर सालाना 56 लाख का खर्च आता है।
एक माह में दो मंडलियां 15-15 दिन रामलीला मंचन करती हैं। कई प्रदेश की मंडलियां अयोध्या रामलीला मंचन को आतीं हैं। एक रामलीला मंडली को 8500 रुपये प्रदान किए जाते हैं। बजट बढ़ने से उनके मानदेय आदि व्यवस्थाओं में वृद्धि हो सकेगी, गुणवत्ता भी सुधरेगी।