अयोध्या। साकेत पीजी कॉलेज छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्र गुटों में विवाद शुरू हो गया है। बुधवार की रात छात्र नेता अभिजीत मौर्य और उपाध्यक्ष पद के दावेदार शुभेंद्र सिंह की गाड़ी टकराने के बाद मारपीट हुई। मामला कोतवाली तक पहुंचा, दोनों गुटों के समर्थकों में पुलिस के सामने ही फिर मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान भाजपा नेता राजू दास भी मौके पर पहुंच गए और उनसे भी छात्रों ने विवाद किया। हालात इतने खराब हो गए कि पुलिस को लाठियां भांजकर छात्रों को खदेड़ना पड़ा। बाद में पुलिस ने छात्र नेता अभिजीत मौर्या और भाजपा नेता राजू दास की तहरीर पर आधा दर्जन नामजद समेत कई अज्ञात छात्रों पर केस दर्ज किया है।
छात्र नेता अभिजीत मौर्या निवासी जयसिंहपुर थाना कोतवाली अयोध्या का आरोप है कि अपने साथी आदर्श मिश्रा के साथ अपनी एसयूवी से फैजाबाद से वापस घर जा रहा था। इस दौरान बेनीगंज फैजाबाद के पास छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार शुभेंद्र प्रताप सिंह व आदित्य प्रताप सिंह मोनू ने अपनी बाइक एसयूवी के सामने लगाकर उन्हें रोक लिया। इस पर बहस होने लगी। अभिजीत का आरोप है कि इस दौरान दोनों ने पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर गाली गलौज करते हुए उन्हें मारना पीटना शुरू कर दिया। बाद में शोर मचाने पर वह उन्हें धमकी देते हुए फरार हो गए। वहीं, इस घटना के बाद रात में करीब 9 बजे जब वह एफआरआई दर्ज कराने अयोध्या कोतवाली पहुंचा तो दूसरे गुट से छात्र नेता पूर्व उपमंत्री नागेश प्रताप सिंह, रजनीश पांडेय व दीपक शुक्ला अपने एक दर्जन साथियों के साथ वहां आ धमके। यह देख अभिजीत मौर्या ने भाजपा नेता राजू दास को बुला लिया, और देखते ही देखते वहां छात्र नेताओं और उनके समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान कोतवाली परिसर में ही दोनों पक्षों में जमकर तू-तू मैं-मैं होने लगी। जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
बवाल बढ़ता देख पुलिस ने पहले दोनों गुटों का समझाना चाहा। नहीं मानने पर हलका बल प्रयोग कर उन्हें थाने से खदेड़ दिया। इसके बाद थाने के बाहर भी दोनों गुटों में बहस होती रही। तब पुलिस ने लाठी चार्ज कर छात्रों को जमकर पीटा और वहां से खदेड़ दिया। नगर कोतवाल अरविंद पांडेय ने बताया कि मामले में छात्र नेता शुभेंद्र व रजनीश को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। दूसरे गुट की तहरीर नहीं दर्ज करने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि आरोप गलत है, उन्होंने कोई तहरीर हमें नहीं दी है।
छात्र नेताओं ने बाजार में मचाया उत्पात
पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद रात करीब 10:30 बजे छात्रों ने बाजार में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। हालांकि रात होने के कारण अधिकांश दुकानें बंद हो गई थी लेकिन जो खुली थी उसे छात्रों ने बंद कराना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बीच बाजार में छात्रों को पीटना शुरू कर दिया। यह देख बाजार में हड़कंप मच गया। इस दौरान सड़क पर जा रहे राहगीर भी पुलिस की चपेट में आ गए और उन्हें भी बेइज्जत होना पड़ा। देर रात तक बाजार में पुलिस बल तैनात रहा।
सत्ता के इशारे पर काम कर रही पुलिस
दूसरे गुट के छात्र नेता पूर्व उपमंत्री नागेश सिंह का आरोप है कि पुलिस सत्ताधारी नेताओं के इशारों पर काम कर रही है और उन्हें कोतवाली से मारपीट कर भगा दिया गया। उनका कहना है कि मामले में अभिजीत मौर्या व उनके साथी ने शुभेंद्र व आदित्य के साथ मारपीट की, इसमें आदित्य के सिर में चोट आई है और उसे टांके भी लगे हैं। अपने पिता के साथ अयोध्या कोतवाली पहुंचने पर उन्हें पुलिस ने डांट कर भगा दिया और उनकी तहरीर तक नहीं ली।
भाजपा नेता राजूदास और अभिजीत मौर्या की तहरीर पर केस दर्ज
मामले में भाजपा नेता राजू दास ने आरोप लगाया कि जब वो सुलह समझौता कराने के लिए कोतवाली पहुंचे तो छात्र नेता शुभेंद्र सिंह, नागेश प्रताप सिंह समेत उनके अन्य साथियों पर उन पर हमला बोल दिया और मारा पीटा। पुलिस ने राजू दास की तहरीर पर शुभेंद्र सिंह, प्रवीण सिंह, नागेश प्रताप सिंह, दीपक शुक्ला समेत एक अज्ञात पर व छात्र नेता अभिजीत मौर्या की तहरीर पर शुभेंद्र सिंह व आदित्य प्रताप सिंह मोनू पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है।