गवाहों को समन का तामीला न करवाना पड़ा महंगा
फैजाबाद। वर्ष 2003 से कोर्ट में लंबित हत्या के एस मामले में गवाहों को समन का तामीला न करवाना कोतवाल बीकापुर को महंगा पड़ा। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कोतवाल पर पांच सौ रुपये जुर्माना किया है। उसे वसूलने की जिम्मेदारी एसएसपी को सौंपी है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट के जज हरिनाथ पांडेय की कोर्ट से हुआ।
कोतवाली बीकापुर के सुमानी देवी हत्याकांड का मुकदमा गैंगेस्टर कोर्ट में विचाराधीन है। यह हत्या जमीन के विवाद में हुई थी। इसकी रिपोर्ट मृतका के भतीजे तोरोमाफी दराबगंज निवासी परशुराम निषाद ने नागपाली थाना तारुन निवासी गोपी व प्रभु निषाद के खिलाफ लिखाई थी।
इसमें कई पेशियों से गवाह को जरिए समन तलब किया गया लेकिन कोई गवाह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। कोर्ट से जारी समन का तामीला करवाने की जिम्मेदारी कोतवाल की होती है। गवाह के कोर्ट में उपस्थित न होने से वाद की कार्रवाई आगे नही बढ़ रही है।
सोमवार को भी इसमें पेशी थी। कोर्ट में न तो गवाह और न ही पैरोकार उपस्थित हुआ। कोर्ट ने इसके चार गवाहों को समन भेजा था। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कोतवाल बीकापुर पर 500 रुपये जुर्माना किया।